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मिशन अधूरा छोड़ना ख़तरनाक: राइस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका की विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि अमरीका को इराक़ में अपना मिशन अधूरा नहीं छोड़ना चाहिए. प्रिंसटन विश्वविद्यालय में दिए गए एक भाषण में कोंडोलिज़ा राइस ने कहा कि अमरीकी लोगों को यह समझना चाहिए कि अगर देश को 'निर्दयी हत्यारों' के भरोसे छोड़ दिया जाएगा तो उसका अंजाम क्या होगा. वाशिंगटन में बीबीसी संवाददाता जोनाथन बीयल का कहना है कि राइस के इस भाषण को इराक़ के खिलाफ युद्ध के लिए घटते समर्थन को रोकने के बुश प्रशासन के प्रयासों से जोड़ कर देखा जा सकता है. राइस ने अपने भाषण में राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के मध्य पूर्व में लोकतंत्र को फैलाने की प्रतिबद्धता को दोहराया. उन्होंने कहा कि उस दुनिया में जहाँ दुष्टता बड़े पैमाने पर है, वहाँ लोकतांत्रिक मूल्यों को बढावा देना ज़रूरी है. उन्होंनें इराक़ में अमरीकी सैनिकों के बलिदान का ज़िक्र करते हुए माना कि क़रीब दो हज़ार सैनिक मारे गए हैं. लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि देश को ये याद रखना होगा कि आखिर लड़ाई किसके खिलाफ़ लड़ी जा रही है. अमरीकी विदेश मंत्री ने कहा कि ये राष्ट्रीय स्तर पर किया जा रहा विरोध नहीं बल्कि बर्बरतापूर्ण कार्य है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमरीका ने अभी वापस जाने का फैसला लिया तो उससे स्वाधीनता के हर दुश्मन का हौसला बुलंद होगा. कोंडोलीज़ा राइस ने भरोसा दिलाया कि यह सफलता का रास्ता है लेकिन इराक़ियों के लोकतंत्र को बढ़ावा देने के साथ-साथ इराक़ के पड़ोसी देशों को भी इसमें सहयोग देना होगा. |
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