|
इराक़ी अभियान में अनेक मौतें | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में अमरीकी सेना ने कहा है कि पश्चिमी क्षेत्र में ताज़ा अभियान में उसने आठ चरमपंथियों को मार दिया है. ग़ौरतलब है कि अमरीकी सेना ने कथित तौर पर अल-क़ायदा से जुड़े चरमपंथियों के ख़िलाफ़ एक बड़ा अभियान शुरू किया है जिसमें एक हज़ार से ज़्यादा अमरीकी सैनिक भाग ले रहे हैं. पश्चिमी इराक़ से स्थानीय डॉक्टरों ने बीबीसी को बताया है कि शनिवार को शुरू हुए अमरीकी सैनिक अभियान में कम से कम 10 आम नागरिक मारे गए हैं. इनमें कुछ बच्चे भी हैं. इस बीच राजधानी बग़दाद में कुछ बंदूकधारियों ने इराक़ के आंतरिक सुरक्षा मामलों के मंत्री क भाई का अपहरण कर लिया है. अमरीकी सैन्य अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान पश्चिमी इराक़ मे सीरिया सीमा से लगे इलाक़े में शुरू किया गया है ताकि विदेशों से चरमपंथी इराक़ी सीमा में नहीं घुस सकें. ग़ौरतलब है कि इराक़ में नए संविधान पर एक पखवाड़े के भीतर जनमतसंग्रह होने वाला है. अमरीकी सैनिक सूत्रों के अनुसार अनबार प्रांत के सदाह शहर में चरमपंथियों के संदिग्ध ठिकानों पर हमलों में हेलीकॉप्टरों का उपयोग किया गया. इसके बाद अमरीकी सैनिकों ने ज़मीनी हमला किया है. अमरीकी सैनिक अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन आयरन फ़िस्ट नामक ताज़ा अभियान का उद्देश्य है घुसपैठ को रोकना और चरमपंथियों के ठिकाने को ध्वस्त करना. सीरिया सीमा से ही लगे तल आफ़र में कार्रवाई के बाद यह इराक़ में अमरीकी सेना का पहला बड़ा अभियान है. बग़दाद से बीबीसी संवाददाता कैरोलीन हॉली के अनुसार अमरीका के हाल के आक्रामक अभियानों के बावजूद इराक़ में चरमपंथी हिंसा में कमी के कोई संकेत नहीं हैं. पिछले दो दिनों में चरमपंथी हिंसा में इराक़ में कम से कम 105 लोग मारे गए हैं. अगले 15 अक्तूबर को प्रस्तावित जनमत संग्रह से पहले हिंसा में तेज़ी देखी गई है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||