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बाली संदिग्ध पर एक करोड़ का ईनाम | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने इंडोनेशिया के बाली द्वीप में 2002 में हुए बम विस्फोटों की साज़िश रचने वाले मुख्य संदिग्ध चरमपंथी के बारे में कोई सूचना देने के लिए एक करोड़ डॉलर के ईनाम की घोषणा की है. उधर बाली द्वीप के पुलिस प्रमुख ने कहा है कि पिछले सप्ताह शनिवार को तीन बम धमाके करने वाले आत्मघाती हमलावर देश के हिंसक चरमपंथियों की नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं. इंडोनेशिया के अधिकारी अब भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे बम धमाके किसने किए थे जिनमें तीन हमलावरों सहित 22 अन्य लोग मारे गए थे. अधिकारी ये भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या उनका तीन साल पहले बाली में ही हुए बम धमाकों से कोई संबंध था. 2002 में बाली में हुए बम धमाकों में 200 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई थी. उधर अमरीका ने कहा है कि 2002 के बम धमाकों का मुख्य संदिग्ध एक इलेक्ट्रॉनिक्स विशेषज्ञ है जिसका नाम दुलमतीन है और वह चरमपंथी संगठन जमा इस्लामिया का एक वरिष्ठ सदस्य है. शनिवार को हुए बम धमाकों के पीछे भी जमा इस्लामिया का हाथ होने का संदेह किया जा रहा है. अमरीका ने दुलमतीन के सिर पर एक करोड़ डॉलर के ईनाम की घोषणा की है और 2002 के बम हमलों के एक अन्य संदिग्ध उमर पातेक की गिरफ़्तारी के लिए दस लाख डॉलर का ईनाम रखा है. ग़ौरतलब है कि अल क़ायदा नेता ओसामा बिन लादेन और इराक़ में विद्रोही नेता अबू मुसाब अल ज़रक़ावी के सिर पर ढाई-ढाई करोड़ डॉलर का ईनाम है. दुलमतीन उर्फ़ अमर उसमान पर संदेह है कि उसने ही 2002 के बम हमलों में से एक का विस्फोट मोबाइल फ़ोन के ज़रिए किया था. दुलमतीन पर कुछ और हमलों में भी शामिल होने का संदेह है. संदेह है कि दुलमतीन फ़िलीपीन्स में कहीं छुपा हुआ है और उसने अफ़ग़ानिस्तान में अल क़ायदा शिविर में प्रशिक्षण हासिल किया. |
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