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आचे विद्रोहियों का हथियार समर्पण | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंडोनेशिया के आचे प्रांत में क़रीब तीन दशकों से चल रहे पृथकतावादी संघर्ष के बाद अब विद्रोहियों ने सरकार के साथ शांति समझौते के तहत हथियार डाल दिए हैं जिसके बाद शांति की उम्मीद की जा रही है. इसी सप्ताह वे तीन और अज्ञात स्थानों पर हथियार सौंपेंगे और बताया रहा है कि यह संगठन अपने क़रीब एक चौथाई हथियार सौंप देगा. द फ्री आचे मूवमेंट (गाम) नामक संगठन के एक प्रवक्ता ने बताया कि विद्रोहियों ने 78 हथियार गुरूवार को अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों को सौंप दिए हैं. गाम संगठन दिसंबर 2005 तक अपने सभी हथियार सौंप देगा. बदले में इंडोनेशिया सरकार छह हज़ार सैनिक आचे प्रांत से हटाएगी. प्रांत की राजधानी बांदा आचे के पास जहाँ गुरूवार को हथियार सौंपे गए वहाँ विद्रोही मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए और उनके हथियार उनके पीछे आई एक जीप में लदे हुए थे. बीबीसी संवाददाता रेचल हार्वी का कहना है कि विद्रोहियों ने जो हथियार सौंपे उन्हें मौजूद लोगों के सामने ही आरियों से काटकर नष्ट किया गया. हथियार डालने वाले विद्रोहियों ने मिलीजुली प्रतिक्रियाएँ व्यक्त कीं. गाम संगठन के एक पूर्व सदस्य मुज़ाकिर ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "मैं दुखी महसूस कर रहा हूँ. यह ऐसा ही है जैसे कि मैं अपनी पत्नी को किसी और को सौंप रहा हूँ." "मेरे लिए वह मेरी पत्नी की ही तरह है क्योंकि मैं अपनी पत्नी की ही तरह उसके साथ सोता हूँ. मैं ख़ुश भी हूँ क्योंकि मैं आचे प्रांत को पहले जैसा देखना चाहता हूँ, शांतिपूर्ण." आचे प्रांत में गाम संगठन के एक प्रतिनिधि अमनी मरज़ूकी ने एक स्थानीय रेडियो स्टेशन को बताया कि शांति प्रक्रिया चल रही है. प्रतिनिधि ने कहा, "शांति प्रक्रिया की अच्छी रफ़्तार चल रही है और बिना हिंसा के ही शांति पाई जा सकती है." संवाददाताओं का कहना है कि कुछ अविश्वास का भी माहौल है लेकिन लेकिन माहौल बदलने की भी उम्मीद की जा रही है. आचे प्रांत में दिसंबर 2004 में आए सुनामी तूफ़ान से भारी तबाही हुई थी जिसके बाद दोनों पक्ष बातचीत पर राज़ी हुए थे. सुनामी से इंडोनेशिया में एक लाख तीस हज़ार लोगों की मौत हुई थी. |
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