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इंडोनेशिया में मृतक दो लाख बीस हज़ार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंडोनेशिया में अधिकारियों ने गत 26 दिसंबर को हिंद महासागर में भूकंप के बाद उठी सूनामी लहरों से हुई तबाही में मारे गए लोगों की संख्या बढ़ने का अनुमान व्यक्त किया है. इंडोनेशिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि मारे गए लोगों की संख्या दो लाख 20 हज़ार के आसपास हो सकती है. मंत्रालय ने कहा कि 95 हज़ार शव तो दफ़नाए जा चुके हैं और अब भी एक लाख 33 हज़ार से ज़्यादा लोग लापता हैं. इंडोनेशिया ने अब से पहले जो आँकड़ा दिया था उसमें यह पचास हज़ार की वृद्धि है. अधिकारियों का कहना है कि अभी सभी शवों को इकट्ठा करने में एक महीने का वक़्त लग सकता है. जकार्ता में बीबीसी संवाददाता टिम जॉन्स्टन का कहना है कि हो सकता है कि कुछ शव तो कभी मिल ही न सकें और अब मृतकों की संख्या के बारे में बात करना सिर्फ़ एक प्रशासनिक मामल बनकर रह गया है. यह समाचार ऐसे वक़्त पर आया है जब एक दिन पहले ही इंडोनेशिया के आचे प्रांत में भूकंप के भारी झटके महसूस किए गए थे जिनकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.2 मापी गई थी. उन झटकों में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कुछ इमारतों को नुक़सान हुआ था. इस भूकंप से लोगों में दहशत फैल गई थी और बहुत से लोग इस डर से घर छोड़कर भागने लगे थे कि कहीं यह भी तो सूनामी लहरों की तबाही की शुरूआत तो नहीं है. इंडोनेशिया में दिसंबर में आए भूकंप की तीव्रता नौ को छू गई थी. भारत के अंडमान निकोबार द्वीप समूह में भी सोमवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए थे जिनकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.3 मापी गई थी, हालाँकि वहाँ जानमाल का कुछ ख़ास नुक़सान नहीं हुआ. |
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