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बाली धमाकों में 25 की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंडोनेशियाई द्वीप बाली में शनिवार को बम धमाकों में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई जबकि 90 अन्य घायल हो गए. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुसीलो बम्बांग युधोयोनो ने इन धमाकों की निंदा की है. उन्होंने इसके लिए चरमपंथियों को दोषी ठहराते हुए कहा है कि दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी. इंडोनेशियाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि जिमबारन नाम के समुद्री तट (बीच) के पास दो धमाके हुए और तीसरा कुटा इलाक़े में हुआ और ये सभी 10 मिनट के अंदर अंदर हुए. प्रवक्ता ने कहा कि धमाके भीड़-भाड़ वाले इलाक़े में हुए और अगर ये बम से हुए हैं तो ज़ाहिर है कि मक़सद ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को मारना था. नुक़सान ये धमाके स्थानीय समयानुसार शाम आठ बजे हुए जब रेस्तराँ ख़चाख़च भरे रहते हैं. धमाकों के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है. रिपोर्टों के मुताबिक आसपास की इमारतों को काफ़ी नुक़सान पहुँचा है. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने गलियों में कई शव पड़े देखे. एक ब्रितानी पर्यटक ने बताया कि वहाँ ज़ोरधार धमाका हुआ जिससे दुकान की सभी खिड़कियाँ टूट गईं. ये पर्यटक उस रेस्तराँ के पास ही था जहाँ कुटा में धमाका हुआ. प्रतिक्रिया ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने इस हमले की निंदा की है और कहा है कि ब्रिटेन हर संभव मदद करने के लिए तैयार है. अमरीका की विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में अमरीका इंडोनेशिया के साथ काम करता रहेगा. फ़्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक शिराक ने भी इन धमाकों की निंदा की है. उधर ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री ने बताया है कि मरने वालों में कम से कम एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है और तीन घायल हुए हैं. इसके अलावा अमरीका, जापान और दक्षिण कोरिया के लोग भी हताहत हुए हैं. ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्रालय ने बताया कि वाणिज्य दूतावास के कर्मचारियों को इंडोनेशिया भेजा जा रहा है. ये कर्मचारी धमाकों के कारणों की जाँच करेंगे. ये धमाके 2002 में बाली में हुए बम हमले के लगभग तीन साल बाद हुए हैं जिसमें 200 से ज़्यादा लोग मारे गए थे. मरने वालों में 90 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक थे. |
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