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बाली में हमलावरों की पहचान के प्रयास | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंडोनेशिया में पुलिस बाली बम धमाकों के लिए ज़िम्मेदार हमलावरों की पहचान करने में जुटी है. फॉरेंसिक दल ने जिंबारन इलाक़े में मलबे की जाँच की. तीनों आत्मघाती हमलावरों के अलावा इन धमाकों में कम से कम 19 लोग मारे गए थे. हमले से जुड़ा एक वीडियो जारी किया गया है जिसमें एक संदिग्ध हमलावर धमाके से पहले कुता के रेस्तराँ में जा रहा है. पुलिस ने कहा है कि घटनास्थलों पर तीनों हमलावरों के अवशेष मिले हैं. पुलिस प्रमुख मादे मांगकू ने पत्रकार वार्ता में बताया कि इस बात के प्रमाण मिले हैं कि हमलावरों के शरीर पर विस्फोटक सामग्री थी. उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि बम टीएनटी से बना था. वीडियो पुलिस उस वीडियो का अध्ययन कर रही है जो एक पर्यटक ने लिया था. वीडियो में काली कमीज़ पहने एक आदमी पीठ पर कुछ सामान लिए रेस्तराँ में जा रहा है. लेकिन जैसे ही बम फटा उससे चंद सैकेंड पहले ही वो आदमी स्क्रीन से ग़ायब हो जाता है. धमाकों में जेमा इस्लामिया संगठन का हाथ होने की आशंका है. इसी संगठन पर 2002 के बाली धमाकों का आरोप लगा था. बाली में हुए ताज़ा हमलों के पीछे दो संदिग्ध मलेशियाई लोगों का नाम लिया जा रहा है. 2002 से ही इंडोनेशिया में उन दोनों की तलाश है. किसी संगठन ने इन धमाकों की ज़िम्मेदारी नहीं ली है. बाली एक हिंदु द्वीप है जो पर्यटकों में काफ़ी लोकप्रिय है. बीबीसी संवाददाता फ़्रैंक गार्डनर का कहना है कि ये द्वीप इस्लामी चरमपंथियों के निशाने पर रहा है. रविवार शाम को कुता के एक रेस्तराँ को ख़ाली करवाया गया. यहाँ बम होने की आशंका जताई गई थी. लेकिन बाद में वहाँ कोई बम नहीं मिला. |
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