|
'आत्मघाती हमलावरों ने कराए' बाली धमाके | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंडोनेशियाई राष्ट्रपति युधोयोनो ने कहा है कि बाली बम धमाकों में आत्मघाती हमलावरों का हाथ होने के संकेत मिले हैं. धमाकों में 26 लोगों की मौत हुई है. इन धमाकों में 50 अन्य घायल भी हुए हैं. राष्ट्रपति सुसीलो बम्बांग युधोयोनो ने बाली में घटना स्थल का दौरा किया है. उन्होंने कहा कि शुरुआती जाँच से धमाकों में आत्मघाती हमलावरों के शामिल होने की बात पता चली है. राष्ट्रपति ने पिछले महीने चेतावनी दी थी कि चरमपंथी हमले हो सकते हैं. इससे पहले एक वरिष्ठ अधिकारी मेजर जनरल अनसयाद मबई ने कहा कि धमाकों में जेमा इस्लामिया संगठन का हाथ होने की आशंका है. इसी संगठन पर 2002 के बाली धमाकों का आरोप लगा था. पर्यटक बीबीसी के दक्षिण पूर्व एशिया मामलों के संवाददाता का कहना है कि ताज़ा बम धमाके इंडोनेशिया के अधिकारियों के लिए एक भारी झटका है क्योंकि उन्होंने देश में सुरक्षा सुधारने और विदेशी पर्यटकों को लुभाने के लिए अनेक चरमंपथियों को पकड़ा भी है. ख़बरों में कहा गया है कि मृतकों में ज़्यादातर इंडोनेशियाई हैं, लेकिन हताहतों में अमरीका, जापान और दक्षिण कोरिया के लोग भी हैं. इन बम धमाकों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा की गई है. ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री जॉन हॉवर्ड ने कहा है कि ये धमाके एक ऐसी इस्लामी देश को कम करके आँकने की कोशिश है जिसका एक उदार और लोकतांत्रिक नेता है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान और ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने भी इन धमाकों की निंदा की है. अमरीका की विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि अमरीका आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में इंडोनेशिया के साथ काम करता रहेगा. नुक़सान इंडोनेशियाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि जिमबारन नाम के समुद्री तट के पास दो धमाके हुए और तीसरा कुटा इलाक़े में हुआ और ये सभी 10 मिनट के अंदर अंदर हुए.
प्रवक्ता ने कहा कि धमाके भीड़-भाड़ वाले इलाक़े में हुए और अगर ये बम से हुए हैं तो ज़ाहिर है कि मक़सद ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को मारना था. ये धमाके स्थानीय समयानुसार शाम आठ बजे हुए जब रेस्तराँ ख़चाख़च भरे रहते हैं. धमाकों के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है. रिपोर्टों के मुताबिक आसपास की इमारतों को काफ़ी नुक़सान पहुँचा है. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने गलियों में कई शव पड़े देखे. एक ब्रितानी पर्यटक ने बताया कि वहाँ ज़ोरदार धमाका हुआ जिससे दुकान की सभी खिड़कियाँ टूट गईं. ये पर्यटक उस रेस्तराँ के पास ही था जहाँ कुटा में धमाका हुआ. प्रतिक्रिया ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने इस हमले की निंदा की है और कहा है कि ब्रिटेन हर संभव मदद करने के लिए तैयार है. अमरीका की विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में अमरीका इंडोनेशिया के साथ काम करता रहेगा. फ़्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक शिराक ने भी इन धमाकों की निंदा की है. ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्रालय ने बताया कि वाणिज्य दूतावास के कर्मचारियों को इंडोनेशिया भेजा जा रहा है. ये कर्मचारी धमाकों के कारणों की जाँच करेंगे. ये धमाके 2002 में बाली में हुए बम हमले के लगभग तीन साल बाद हुए हैं जिसमें 200 से ज़्यादा लोग मारे गए थे. मरने वालों में 90 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक थे. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||