BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 15 सितंबर, 2005 को 22:10 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
इराक़ी राष्ट्रपति की दुनिया से अपील
धमाके
सबसे घातक हमला दक्षिणी बग़दाद में हुआ जहाँ पुलिस काफ़िलों को निशाना बनाया गया
इराक़ के राष्ट्रपति जलाल तालाबानी ने ऐसे समय में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इराक़ की मदद का आग्रह किया है जब बग़दाद में लगातार दूसरे दिन कई बम फटे.

तालाबानी ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर न्यूयॉर्क में अंतरराष्ट्रीय नेताओं से अनुरोध किया कि वे इराक़ को उसके तानाशाही अतीत से उबरने में सहायता करें.

गुरूवार को इराक़ की राजधानी बग़दाद में लगातार दूसरे दिन कई बम फटे जिससे कम-से-कम 29 लोग मारे गए.

बग़दाद में एक दिन पहले ही कई आत्मघाती कार बम धमाके हुए थे जिनमें 180 से अधिक लोग मारे गए थे.

जलाल तालाबानी ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के 60 वर्ष पूरे होने पर हो रहे विशेष शिखर सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय नेताओं को संबोधित किया.

शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति हु जिंताओ ने भी प्रतिनिधियों को संबोधित किया.

पुतिन ने अपने भाषण में कहा कि आतंकवाद के विरूद्ध कार्रवाई में तालमेल रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र ही प्रमुख मंच होना चाहिए.

चीन के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र में सुधारों की ज़रूरत पर बल देते हुए कहा कि इससे सुरक्षा परिषद में फ़ैसले लेने में विकासशील राष्ट्रों की भूमिका बढ़ेगी.

इराक़ी राष्ट्रपति का आह्वान

 आतंक के ख़िलाफ़ इराक़ की लड़ाई में विभिन्न देशों से सहायता की आवश्यकता है और ये ना केवल इराक़ बल्कि पूरी दुनिया के लिए आवश्यक है
जलाल तालाबानी, इराक़ी राष्ट्रपति

इराक़ी राष्ट्रपति ने न्यूयॉर्क में शिखर सम्मेलन में और भी कई देशों से इराक़ के पुनर्गठन में हाथ बँटाने का आह्वान किया और कहा कि इस उद्देश्य में सफलता आतंकवाद के लिए एक बड़ी हार होगी.

तालाबानी ने कहा,"आतंक के ख़िलाफ़ इराक़ की लड़ाई में विभिन्न देशों से सहायता की आवश्यकता है और ये ना केवल इराक़ बल्कि पूरी दुनिया के लिए आवश्यक है".

तालाबानी ने कहा कि उनके देश में हिंसा का बर्बर अभियान चलानेवाली शक्तियाँ इराक़ को अंतरराष्ट्रीय ख़तरों का एक केंद्र बनाना चाहती हैं.

उन्होंने कहा कि ये एक सम्मान का विषय है कि उनके गृहक्षेत्र कुर्दिस्तान ने 1991 में सद्दाम हुसैन के चंगुल से बाहर निकलने के बाद लोकतंत्र की राह अपनाने में सफल रहने का एक उदाहरण प्रस्तुत किया है.

इराक़ में हिंसा

हमलों के पीछे अल क़ायदा का हाथ होने की आशंका प्रकट की जा रही है

इराक़ की राजधानी बग़दाद में गुरूवार को लगातार दूसरे दिन कई धमाके हुए.

बग़दाद और इराक़ के अन्य स्थानों पर हुए हमलों में क्म-से-कम 34 लोगों के मारे जाने का समाचार है.

तीन धमाके दक्षिणी बग़दाद के अल दौरा ज़िले में हुए जहाँ पुलिस काफ़िलों को निशाना बनाया गया.

कुछ ही घंटों के अंतर पर हुए इन तीन धमाकों में 20 पुलिसकर्मी मारे गए.

इस बीच बग़दाद मे ही तीन शिया श्रद्धालुओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई.

वहीं किर्कुक और फ़लूजा शहरों में सड़क किनारे रखे बम फटे.

बग़दाद में बुधवार को कई आत्मघाती कार बम धमाके हुए थे जिनमें 180 से अधिक लोग मारे गए थे.

इन हमलों के पीछे अल क़ायदा का हाथ होने की आशंका प्रकट की जा रही है.

बुधवार को एक अरबी टेलीविज़न पर एक ऑडियो टेप का प्रसारण किया गया जिसमें इराक़ में अल क़ायदा के बड़े नेता अबू मुसाब ज़रक़ावी को शियाओं के ख़िलाफ़ पूरे इराक़ में युद्ध छेड़ने की धमकी देते हुए दिखाया गया.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>