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इराक़ी शहर तलाफ़ार में सैनिक कार्रवाई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में देश के उत्तर में स्थित शहर तलाफ़ार को विद्रोहियों के क़ब्ज़े से छुड़ाने के लिए इराक़ी सेना और अमरीकी सैनिकों ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है. तलाफ़ार शहर इराक़ की राजधानी बग़दाद से 400 किलोमीटर दूर है और वर्ष 2003 से वहाँ गठबंधन सैनिकों का कोई नियंत्रण नहीं है. अमरीका ये मानता है कि चरमपंथी इस शहर का इस्तेमाल सीरिया से इराक़ में प्रवेश करने के लिए एक पड़ाव की तरह कर रहे हैं. बग़दाद स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि पिछले वर्ष फ़लूजा में हुई कार्रवाई के बाद से ये अब तक की सबसे बड़ी सैनिक कार्रवाई है. इराक़ के रक्षा मंत्री ने कहा है कि शहर में पिछले दो दिनों में 144 चरमपंथी मारे गए हैं. इराक़ी मंत्री ने बताया कि सेना चार और शहरों में कार्रवाई करने के लिए तैयार है. कार्रवाई वाहनों और सैनिक साजो-सामान से लैस सैनिक शनिवार सुबह तलाफ़ार में आए और और उन्होंने संदिग्ध चरमपंथियों पर गोलियाँ चलानी शुरू कीं. इससे पहले शहर के लगभग दो लाख निवासियों को शहर से बाहर चले जाने के लिए कहा गया था. कार्रवाई के बारे में इराक़ के प्रधानमंत्री इब्राहीम जाफ़री ने कहा,"तड़के दो बजे मेरे आदेश पर अमल करते हुए इराक़ी सैनिकों ने तलाफ़ार से बचे हुए चरमपंथियों को बाहर निकालने के लिए चढ़ाई शुरू की". एक साल पहले भी तलाफ़ार से चरमपंथियों को निकाला गया था लेकिन अमरीकी सेना के हटते ही चरमपंथी फिर वापस आ गए और शहर को अपने क़ब्ज़े में ले लिया. इराक़ी अधिकारियों का कहना है कि चरमपंथी तलाफ़र को इराक़ में राजनीति की मुख्यधारा से अलग हटाने की कोशिश कर रहे हैं. |
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