BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 13 सितंबर, 2005 को 17:52 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
बुश ने कहा, कार्रवाई जारी रहेगी
जलाल तलाबानी और जॉर्ज बुश
बुश और तलाबानी पहले भी कई अहम मुद्दों पर बातचीत कर चुके हैं
इराक़ी राष्ट्रपति जलाल तलाबानी और अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इराक़ के लिए आने वाले दिनों में रणनीति पर विचार करने के लिए वाशिंगटन में मंगलवार को मुलाक़ात की है.

बुश ने कहा है कि अमरीकी सैनिक "स्वतंत्र इराक़ के दुश्मनों" के ख़िलाफ़ कार्रवाई जारी रखेंगे.

बुश ने कहा कि इराक़ अब एक संघीय लोकतंत्र बन चुका है और मध्य पूर्व के अन्य देशों में भी लोग अपनी ख़ुद की स्वतंत्रता की माँग कर रहे हैं.

दोनों राष्ट्रपतियों की बैठक से पहले तलाबानी ने एक अख़बार को दिए इंटरव्यू में कहा था कि अमरीका इस वर्ष के अंत तक इराक़ से 50 हज़ार सैनिकों को वापस बुलाने की स्थिति में हो सकता है.

इराक़ी राष्ट्रपति ने वाशिंगटन पोस्ट अख़बार को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा है कि इराक़ी सेना को तैयार किया जा रहा है इसलिए अमरीकी सैनिकों की वापसी संभव है.

हालाँकि उन्होंने अमरीकी सैनिकों की वापसी की कोई समय-सारणी नहीं बताई.

 हम मानते हैं कि अमरीका को अपने कुछ सैनिकों को हटाने का पूरा अधिकार है क्योंकि हमारे सैनिक उनकी जगह ले सकते हैं
जलाल तलाबानी

यह पहला मौक़ा है जब किसी अमरीकी या इराक़ी अधिकारी ने इतने स्पष्ट शब्दों में अमरीकी सैनिकों की वापसी की समयसीमा या किसी संख्या का उल्लेख किया.

लेकिन वाशिंगटन पोस्ट को फ़ोन करके तलाबानी के एक निकट सहयोगी ने फ़ौरन एक स्पष्टीकरण भी दिया जिसमें कहा गया कि राष्ट्रपति का आशय कोई समयसीमा तय करना नहीं था बल्कि यह तो एक सुझाव है.

वापसी

वाशिंगटन से बीबीसी संवाददाता जेम्स कुमारस्वामी का कहना है कि समुद्री तूफ़ान कैटरीना से मची तबाही के बाद हुए जनमत सर्वेक्षण बताते हैं कि अमरीकी जनता चाहती है कि राष्ट्रपति घरेलू मसलों पर अधिक ध्यान दें.

नजफ़ में अमरीकी और इराक़ी सेना के अधिकारी
नजफ़ की ज़िम्मेदारी पहले ही अमरीकी सैनिकों को सौंप दी गई है

ऐसे समय में जलाल तलाबानी के इस बयान के बाद राष्ट्रपति बुश यह सोचने पर विवश हो सकते हैं कि कुछ सैनिकों को देश वापस बुलाया जाए.

तलाबानी ने साफ़ शब्दों में कहा, "हम मानते हैं कि अमरीका को अपने कुछ सैनिकों को हटाने का पूरा अधिकार है क्योंकि हमारे सैनिक उनकी जगह ले सकते हैं."

तलाबानी का कहना है कि इस समय इराक़ की नई सेना में 60 हज़ार लोग हैं और वर्ष के अंत तक उनकी संख्या एक लाख हो जाएगी.

हालांकि बग़दाद में मौजूद बीबीसी के संवाददाताओं का कहना है कि इराक़ी सैनिक विद्रोहियों से निबटने में पूरी तरह सक्षम नहीं हैं लेकिन नजफ़ शहर को विद्रोहियों से छीनने के बाद उसकी सुरक्षा का भार इराक़ी सैनिकों को ही सौंपा गया है.

इस समय लगभग एक लाख चालीस हज़ार अमरीकी सैनिक इराक़ में तैनात हैं.

अमरीकी जनमत इराक़ से अपने सैनिकों की वापसी के पक्ष में जाता दिख रहा है लेकिन राष्ट्रपति बुश ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सैनिक तब तक वहाँ रहेंगे जब तक उनकी ज़रूरत रहेगी.

इस समय अमरीकी सेना के अधिकारी इराक़ी सैनिकों को प्रशिक्षण देने में लगे हैं ताकि वे सुरक्षा सुनिश्चित करने के काम में उनका हाथ बँटा सकें.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>