|
संयुक्त राष्ट्र में मुशर्रफ़ ने क्या कहा? | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
परवेज़ मुशर्रफ़ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के विशेष सत्र में कहा है कि भारत के साथ जारी बातचीत नतीजे की दिशा में बढ़नी चाहिए. बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के विशेष सत्र के पहले दिन अपने संबोधन में पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने एक बार फिर कश्मीर समस्या का ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच जारी बातचीत इस तरह होनी चाहिए कि उससे कश्मीर समस्या का ऐसा हल निकल सके जो सभी पक्षों को मान्य हो. परवेज़ मुशर्रफ़ ने महासभा के सत्र में कहा कि अगर कश्मीर समस्या का हल निकल सका तो इससे दोनों देश विवाद और संघर्ष के चक्र से बाहर निकल सकेंगे. उन्होंने कहा,"हम चाहते हैं कि बातचीत की प्रक्रिया नतीजों की दिशा में आगे बढ़े जिससे दक्षिण एशिया में शांति और सहयोग के एक नए युग की शुरूआत हो सके." मुशर्रफ़ ने अपने भाषण में कहा कि आतंकवाद अभी विश्व के सामने सबसे बड़ा ख़तरा है. इसके अलावा उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीटों की संख्या बढ़ाए जाने का भी विरोध किया जिसके लिए भारत एक दावेदार है. मुशर्रफ़ ने कहा,"सुरक्षा परिषद का विस्तार इस तरह से होना चाहिए कि उससे संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्यों की झलक मिल सके, और ये केवल सब्र के साथ बातचीत और आम सहमति से ही हो सकता है". पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने मंगलवार को अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के साथ मुलाक़ात की थी. संवाद समिति एपीपी के अनुसार मुलाक़ात के दौरान मुशर्रफ़ ने भारत प्रशासित कश्मीर के कुछ हिस्सों से सैनिकों की वापसी की माँग की और कहा कि यह सही दिशा में उठाया गया क़दम होगा. भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी इससे पहले बुश से मुलाक़ात की थी जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान अभी भी 'आतंक के प्रवाह' को नियंत्रित करता है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||