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संयुक्त राष्ट्र में सुधारों पर बातचीत शुरू | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र में सुधारों के मुद्दे पर न्यूयॉर्क में बातचीत का नया दौर शुरू हो गया है. आम सहमति बनाने का काम 30 देशों के एक समूह को दिया गया है. इनकी बैठक सोमवार देर रात तक चली और मंगलवार को भी जारी रहेगी. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सुधारों का एक मसौदा तैयार किया है और उम्मीद की जा रही थी कि अगले महीने विश्व संस्था की 60वीं सालगिरह के मौक़े पर होने वाले शिखर सम्मेलन में इसे मंज़ूरी मिल जाएगी. लेकिन पिछले सप्ताह अमरीका ने सुधारों के मसौदे के कई प्रावधानों पर आपत्ति की है. इसे देखते हुए विश्लेषकों को आशंका है कि सुधारों के बजाय बात सुधारों संबंधी बयान पर ही न ठहर जाए. व्यापक सुधार संयुक्त राष्ट्र महाचिव कोफ़ी अन्नान अगले महीने के शिखर सम्मेलन के दौरान विश्व संस्था को 21वीं सदी की ज़रूरतों के अनुरूप ढालने के लिए सुधारों को मंज़ूरी दिलाना चाहते हैं. इन सुधारों में प्रबंधन में सुधार के अलावा निर्धनता दूर करने और विकास को बढ़ावा देने जैसे सहस्राब्दी लक्ष्यों को हासिल करने के उद्देश्य से किए जाने वाले सुधार भी शामिल हैं. इसी महीने संयुक्त राष्ट्र महासभा ने छह महीने के विचार-विमर्श के बाद सुधारों के बारे में 38 पृष्ठों का दस्तावेज़ सार्वजनिक किया था. लेकिन संयुक्त राष्ट्र में अमरीका के नवनियुक्त राजनयिक जॉन बोल्टन ने इसके अनेक प्रावधानों में संशोधन पर ज़ोर दिया है. संयुक्त राष्ट्र को इस सप्ताहांत तक मसौदे पर आम सहमति बनानी है. न्यूयॉर्क से बीबीसी संवाददाता माइकल वॉस के अनुसार यह काम आसान नहीं लगता. |
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