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जी-4 व अफ़्रीकी संघ के बीच सहमति नहीं | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के मुद्दे पर जी 4 देशों और अफ्रीकी संघ के बीच बातचीत बिना किसी सहमति के समाप्त हो गई है. लंदन में दोनों पक्षों के बीच वार्ता हुई लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी. हालाँकि अफ़्रीकी संघ इस बात पर राज़ी हो गया है कि बिना वीटो के अधिकार के भी सुरक्षा परिषद में शामिल हुआ जाए. दोनों पक्षों ने ज़ोर देकर कहा कि एक नए मसौदे का प्रस्ताव लाने पर सहमति हुई है. बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में नाइज़ीरिया के प्रतिनिधि ने संवाददाताओं से कहा कि जी 4 और अफ़्रीकी संघ के बीच नया मसौदा लाने पर सहमति हुई है. लेकिन जर्मनी के विदेश मंत्री जोश्का फ़िशर ने स्पष्ट कर दिया कि असल में कोई समझौता नहीं हो सका है. फिशर ने कहा कि मुख्य रूप से दो मुद्दे थे वीटो और सुरक्षा परिषद में अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने का. फ़िशर ने बताया कि वीटो के मुद्दे पर सहमति है लेकिन अस्थायी सदस्यों के मामले में अफ़्रीकी संघ को अपने अन्य सदस्यों से मशवरा करना है. असल में जी 4 ने अफ़्रीकी संघ के समक्ष एक नया प्रस्ताव रखा था जिसके तहत स्थायी सदस्यों की संख्या छह और अस्थायी सदस्यों की संख्या 26 करने की बात है. प्रस्ताव के अनुसार इन 26 अस्थायी सदस्यों में से एक सीट ऐसी होगी जो कैरेबियाई, एशियाई और अफ़्रीकी देशों के बीच घूमती रहेंगी. प्रस्ताव चूँकि ये प्रस्ताव बिल्कुल नया है इसलिए अफ़्रीकी देश इस पर सभी अन्य सदस्यों से बातचीत किए बिना कोई फ़ैसला नहीं कर सकता.
हालाँकि भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह ने कहा कि बैठक बहुत ही सौहार्द्रपूर्ण माहौल में हुई और जल्दी ही नए मसौदा तैयार हो सकेगा. जी 4 और अफ़्रीकी संघ के पास बहुत अधिक समय नहीं है और उन्हें अगस्त महीने के अंत तक कोई सहमति बनानी है लेकिन फ़िलहाल नित नए प्रस्तावों से लगता नहीं कि जल्दी कोई सहमति बन सकेगी. वैसे भी इस प्रस्ताव पर पहले अफ़्रीकी देशों की एक बैठक आयोजित की जाएगी जिसके बाद जी 4 के साथ एक और बैठक होगी. कुल मिलाकर मामला औपचारिकताओं और विभिन्न देशों के अलग अलग रुख में फंसा हुआ दिख रहा है. |
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