|
संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधारों की पेशकश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने इस विश्व संगठन में व्यापक सुधारों की पेशकश की है जिनमें में सुरक्षा परिषद का विस्तार और सैन्य शक्ति के इस्तेमाल के बारे में स्पष्ट नियम तय करने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं. अन्नान की सुधारों की पेशकश करने वाली यह रिपोर्ट सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में पेश की गई. कोफ़ी अन्नान ने सुरक्षा परिषद का विस्तार करके इसके सदस्यों की संख्या 24 किए जाने और एक नए मानवाधिकार संस्था बनाए जाने की भी पेशकश की है. इस महत्वपूर्ण रिपोर्ट में कोफ़ी अन्नान ने आतंकवाद जैसे ख़तरों पर बार-बार ज़ोर दिया है और कहा है कि ऐसे ख़तरों से सिर्फ़ एकजुट अंतरराष्ट्रीय प्रयासों से ही निपटा जा सकता है. कोफ़ी अन्नान की यह रिपोर्ट इराक़ पर हमले के दो साल के बाद आई है. ग़ौरतलब है कि इराक़ पर अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन का हमला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की वैधानिक मंज़ूरी के बिना ही हुआ था. संयुक्त राष्ट्र के चीफ़ ऑफ़ स्टॉफ़ मार्क मेलोक ब्राउन ने इस रिपोर्ट के बारे में बताया, “हमारा ख़याल है कि किसी भी देश को इस रिपोर्ट से निराशा नहीं होगी. इसमें बहुत ही महत्वकांक्षी लेकिन ज़मीनी उद्देश्य सामने रखे गए हैं. हालाँकि ऐसा तो स्वाभाविक ही है कि इस रिपोर्ट के सभी अंश सभी देशों को पसंद नहीं आएंगे.” सभी के मुद्दे अन्नान ने इस रिपोर्ट में कहा है कि देशों में होने वाली सामान्य हिंसा, संगठित अपराध, आतंकवाद, महाविनाश के हथियार और ग़रीबी और बीमारियों जैसे मुद्दे आपस में जुड़े हुए हैं और अगर कोई एक देश इनसे प्रभावित है तो बाक़ी देशों पर भी उसका असर पड़ता है.
कोफ़ी अन्नान ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से कहा कि वे आतंकवाद की एक सर्वसम्मत परिभाषा पर सहमत हों और परमाणु, रासायनिक और जैविक हथियारों को को आतंकवादियों के हाथों में पड़ने से रोकने के लिए क़दम उठाएँ. कोफ़ी अन्नान ने आगाह किया कि कोई भी देश अकेले ही कार्रवाई करके ख़ुद को सुरक्षित नहीं बना सकता और इस मुद्दे पर सभी देशों में सहमति होनी चाहिए कि सैन्य बल का इस्तेमाल कब और किस तरह से किया जाए. कोफ़ी अन्नान की यह रिपोर्ट उन विवादों के बाद आई है जो इराक़ में तेल के बदले अनाज कार्यक्रम में धांधली के आरोपों के बाद उठे थे और कोंगो में संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के हाथों महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें भी मिली थीं. कोफ़ी अन्नान की यर रिपोर्ट उस पैनल के सुझावों पर आधारित है जिसे ख़ुद उन्होंने ही पिछलेसाल गठित किया था. इस रिपोर्ट पर सितंबर में होने वाली विश्व नेताओं की बैठक में विचार किया जाएगा. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||