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'यहूदी जनसंहार से दुनिया सबक़ ले' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव कोफ़ी अन्नान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे इस दिशा में प्रयास करते रहें कि नात्सी शिविर में यहूदियों के जनसंहार जैसी घटना दोबारा न हो. दक्षिणी पोलैंड के ऑत्शविच शिविर में यहूदियों के जनसंहार की घटना को 'होलोकॉस्ट' भी कहा जाता है, पोलैंड पर हिटलर के नेतृत्व वाली सेना का कब्ज़ा था और वहाँ बनाए गए एक ऑत्शविच शिविर में बहुत बड़ी संख्या में यहूदियों को मौत के घाट उतार दिया गया था. अन्नान ने इस तरह के पहले विशेष सम्मेलन में कहा, "हम ठीक कहते हैं कि ऐसा दोबारा नहीं होना चाहिए लेकिन इसके लिए कार्रवाई करना कठिन होता है." न्यूयॉर्क में हो रहे इस विशेष सम्मेलन में कई देशों के विदेश मंत्री और उच्च स्तरीय राजनयिक शामिल हो रहे हैं. साथ ही, इसमें जनसंहार से बच गए कुछ लोग भी हिस्सा ले रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा, "आज का दिन उस भीषण जनसंहार के बीच से जीवित बच निकले लोगों का सम्मान करने का है जिन्होंने अद्भुत साहस का परिचय देते हुए दमनकारियों को चकमा दिया, और दुनिया को आशा का एक संदेश. हमें चाहिए कि हम इस संदेश को याद रखें." नष्ट अन्नान ने कहा, "यूरोप में रहने वाले दो तिहाई यहूदियों को मार दिया गया जिनमें 15 लाख बच्चे भी थे. एक पूरी सभ्यता, जिसने यूरोप के सांस्कृतिक और बौद्धिक विकास में अपनी संख्या से बढ़कर योगदान किया, पूरी तरह नष्ट कर दी गई." उन्होंने कहा, "शायद सही ही कहा जाता है कि बुराई के लिए उत्साहवर्धक बात ये होती है कि अच्छे लोग कुछ नहीं करते." कोफ़ी अन्नान ने इस बात का भी ज़िक्र किया कि यहूदियों के साथ-साथ रोमन जिप्सी, पोलिश, स्लाव और सोवियत युद्धबंदियों की नृशंस हत्या की गई थी. अन्नान ने इस बात को स्वीकार किया कि नरसंहारों को रोकने के लिए बयान देने से ज़्यादा मुश्किल है क़दम उठाना. अन्नान ने कहा, "शर्मनाक रूप से दुनिया एक नहीं, कई बार नरसंहारों को रोकने में नाकाम रही है- कंबोडिया में, रवांडा में और पूर्व युगोस्लाविया में." उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा ही कुछ अब सूडान के दारफ़ुर इलाक़े में घट रहा है, जहाँ कार्रवाई की ज़रूरत है. मंगलवार को अन्नान के सामने दारफ़ुर में उत्पीड़न के मामले में अंतरराष्ट्रीय पैनल की रिपोर्ट रखी जानी है. अन्नान ने कहा कि सुरक्षा परिषद के सामने रिपोर्ट रखे जाने के बाद यह निर्णय किया जाएगा कि वहाँ क्या कार्रवाई की जाए. |
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