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जी-4 देशों की बातचीत जारी रहेगी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट के लिए दावेदारी करनेवाले जी-4 देश अफ़्रीकी यूनियन के साथ किसी सहमति तक पहुँच पाने में नाकाम रहे हैं. भारत, ब्राज़ील, जर्मनी और जापान के विदेश मंत्रियों ने न्यूयॉर्क में अफ़्रीकी यूनियन के विदेश मंत्रियों के साथ इस संबंध में बातचीत की. जी-4 और अफ़्रीकी नेताओं के बीच 25 जुलाई को जिनेवा में फिर बातचीत होगी. जी-4 देशों ने सुरक्षा परिषद में छह और स्थायी सदस्य जोड़ने के लिए प्रस्ताव रखा है. रविवार को हुई बातचीत में भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह, जर्मन मंत्री जोश्का फिशर, ब्राज़ील के सेल्सो एमोरिम और जापान के विदेश मंत्री नोबुताका माचिमुरा ने हिस्सा लिया. अफ़्रीकी यूनियन का प्रतिनिधित्व 18 सदस्यों के एक दल ने किया जिसमें नाइजीरिया, दक्षिण अफ़्रीका, लीबिया और मिस्र के विदेश मंत्री शामिल थे. प्रस्ताव जी-4 देश संयुक्त राष्ट्र में 10 नए सीट चाहते हैं जिनमें छह स्थायी और चार अस्थायी होंगे. जी-4 देश स्वयं स्थायी सीट चाहते हैं और शेष दो स्थायी सीट अफ़्रीकी देशों को देना चाहते हैं. ये समूह चाहता है कि इस प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस महीने के अंत तक मतदान करवा लिया जाए. महासभा में प्रस्ताव पारित करवाने के लिए जी-4 के लिए अफ़्रीकी यूनियन का समर्थन आवश्यक है. |
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