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भारत की दावेदारी को ब्रिटेन का समर्थन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की पूरी हिमायत करते हुए कहा है कि भारत को परिषद में होने का पूरा अधिकार है लेकिन बिना वीटो के अधिकार के. लंदन में पत्रकारो को संबोधित करते हुए ब्रिटेन और भारत के विदेश मंत्री ने आपसी रिश्तो की बढ़ती प्रगाढ़ता की चर्चा की. नटवर सिंह ने कहा कि ब्रिटेन ने खुलकर भारत की दावेदारी का समर्थन किया है. भारत की स्थिति स्पष्ट करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि भारत ने जी-4 के तीन अन्य देशों के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की रूप-रेखा में बदलाव पर प्रस्ताव तैयार कर लिया है. उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव में ये तय किया गया है कि स्थायी सदस्यों की संख्या बढाने के लिए दबाव बनाया जाएगा लेकिन नए स्थायी सदस्य सन 2020 तक वीटो अधिकार की माँग नहीं करेंगे. इस प्रस्ताव के लिए संघ के दो तिहाई सदस्य देशों के समर्थन को जुटाने का काम चल रहा है और भारत को उम्मीद है कि ये समर्थन जुटाने में जी 4 देश सक्षम होंगे. विदेश मंत्री ने कहा,"भारत इस दौड़ में मज़बूत स्थिति में है लेकिन भारत को थोड़ा व्यावहारिक होने की ज़रूरत है. लेकिनइतना कहा जा सकता है कि कोशिश पूरी चल रही है." जी-8 की छह जुलाई से स्कॉटलैंड में शुरू होने वाली बैठक में भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी शामिल हो रहे है जिसे नटवर सिंह ने बहुत महत्वपूर्ण क़दम बताया. उन्होने कहा कि जी-8 उन देशों का संगठन है जो दुनिया के ताक़तवर और औद्दोगिक देश है और इसमे भारत का बतौर विशेष अतिथि होना एक अहम क़दम है. इस सम्मेलन में चर्चा के लिए आनेवाले विषयों में भारत और चीन जैसे बडे देशो की भागेदारी ज़रूरी है. |
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