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अमरीका ने जी-4 का प्रस्ताव ठुकराया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने जी-4 देशों द्वारा सुरक्षा परिषद के विस्तार के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा में पेश प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. जी-4 में भारत के साथ-साथ ब्राज़ील, जापान और जर्मनी शामिल हैं. इन देशों ने सुरक्षा परिषद के सदस्यों की संख्या 15 से बढ़ाकर 25 करने का प्रस्ताव रखा था. अमरीका का कहना है कि सदस्य देश इस मुद्दे पर बँटे हुए हैं. विदेश मंत्रालय की एक प्रवक्ता शीरीन ताहिर खेली ने बताया कि अमरीका सुरक्षा परिषद के विस्तार के लिए काम करेगा लेकिन सही समय पर सही तरीक़े से. जी-4 के देशों ने सोमवार को यह प्रस्ताव पेश किया था. जिस पर बहस चल रही है. प्रस्ताव पर मतदान कब होगा, ये अभी तय नहीं है. लेकिन इस प्रस्ताव के पारित होने के लिए दो तिहाई मतों की आवश्यकता होगी. प्रस्ताव जी-4 के देशों के प्रस्ताव में कहा गया है कि सुरक्षा परिषद में 10 और सीटें बढ़ाई जाएँ, जिनमें से छह सीटें नए स्थायी सदस्यों के लिए हो. प्रस्ताव के मुताबिक़ नए स्थायी सदस्यों में जी-4 के देशों के अलावा अफ़्रीकी देश भी शामिल होंगे. जी-4 के देश फ़िलहाल बिना वीटो के अधिकार के स्थायी सदस्यता के लिए राज़ी हैं. अमरीका के रुख़ से जी-4 के देशों को तगड़ा झटका लगा है, जिन्होंने इस प्रस्ताव के पारित होने की उम्मीद लगा रखी थी. सुरक्षा परिषद में नए सदस्यों को शामिल करने के मुद्दे पर तो सदस्य देशों में आम तौर पर सहमति है लेकिन इसे कैसे हासिल किया जाए, इस पर बड़े मतभेद हैं. इस समय सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य हैं जिनमें से पाँच स्थायी सदस्य हैं जिन्हें वीटो का अधिकार हासिल है. |
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