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ग़ज़ा में लोगों और सैनिकों ने की प्रार्थना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ग़ज़ा के गुश कातिफ़ इलाक़े में लोगों को निकाले जाने से पहले इसराइली सैनिकों और लोगों ने मिलकर प्रार्थना की है. कातिफ़ इलाक़े में सेना को जबरन घुसकर लोगों को निकालना पड़ा. सैनिकों को रोकने के लिए लोगों ने घास और टायरों को आग लगा दी थी. पाँच दिनों से इसराइल ग़ज़ा से बस्तियाँ ख़ाली करवाने के काम में लगा हुआ है लेकिन शुक्रवार को उसने सूर्यास्त के बाद ये काम कुछ देर के लिए बंद कर दिया था. इसराइल की कैबिनेट ने रविवार को ग़ज़ा के तीन उत्तरी इलाक़ों और पश्चिमी तट के चार इलाक़ों से बस्तियाँ हटाने को मंज़ूरी दे दी है. उधर इसराइली अधिकारी फ़लस्तीनी प्रशासन की इस बात से सहमत हो गए हैं कि ग़ज़ा में सभी 8000 घरों को तोड़ दिया जाए. इसराइल और फ़लस्तीन में हुए समझौते के मुताबिक़ इसराइल ने कई इलाक़ो में घरों को गिराना शुरू कर दिया है. फ़लस्तीनी प्रशासन सैनिक अधिकारियों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि मंगलवार तक बस्तियाँ हटाने का काम पूरा हो जाएगा. इससे पहले फ़लस्तीन के नेता महमूद अब्बास ने कहा था कि नेतसरीम इलाक़ा ग़ज़ा की बंदरगाह का हिस्सा होगा. फ़लस्तीनी प्रशासन ने कहा है कि ग़ज़ा में ख़ाली किए गए सभी इलाके उसके नियंत्रण में होंगे. ख़बर के मुताबिक़ नेतसरीम के लोग सोमवार तक इलाक़ा ख़ाली करने पर राज़ी हो गए हैं जिसके बाद उन्हें पश्चिमी तट के अरियल इलाक़े में रखा जाएगा. 1967 के बाद से ग़ज़ा इसराइल के नियंत्रण में रहा है. |
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