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बकरी की ब्रिटेन वापसी पर रोक | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रितानी सरकार ने घोषणा की है कि एक नया क़ानून लाने पर विचार हो रहा है जिसके तहत संदिग्ध 'आतंकवादियों' को ब्रिटेन से बाहर निकालते समय न्यायाधीशों को राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखना होगा. इस बीच ख़बर आई है कि लेबनान में गिरफ़्तार किए गए कट्टरपंथी इस्लामी नेता उमर बकरी मोहम्मद को रिहा कर दिया गया है. उधर ब्रिटेन ने घोषणा की है कि उमर बकरी मोहम्मद के ब्रिटेन आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. उमर बकरी ने ये कहकर ब्रिटेन में ख़ासा विवाद खड़ा कर दिया था कि यदि उन्हें मुसलमान आत्मघाती हमलावरों के बारे में कोई जानकारी भी हुई तो वे उसके बारे में पुलिस को नहीं बताएँगे. नए क़ानून और उमर बकरी के बारे में घोषणाएँ उस समय की गई हैं जब ब्रितानी सरकार हिरासत में लिए गए दस विदेशी नागरिकों को वापस उनके देश भेजने में क़ानूनी चुनौतियों का सामना कर रही है. ब्रिटेन की सरकार कई देशों के साथ इस विषय में बात कर रही है कि जब ब्रिटेन से किसी व्यक्ति को वहाँ वापस भेजा जाता है तो उसे प्रताड़ित न किया जाए. लेकिन हिरासत में लिए गए लोगों के वकीलों और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती कि अन्य देशों के इस विषय में दिए आश्वासन पर वे अमल भी करते हैं या नहीं. |
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