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'हमलावर ब्रिटेन में तैयार हुए' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ का कहना है कि सात जुलाई के लंदन धमाकों के आत्मघाती हमलावर ब्रिटेन में ही कट्टरपंथी बने थे न कि पाकिस्तान में. पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने कहा कि इन बम धमाकों से पाकिस्तान को जोड़ा जाना ठीक नहीं है. पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने कहा कि आत्मघाती बम हमलावरों ने पाकिस्तान में 'कुछ बातें भले सीखी हों' लेकिन उनकी 'मनोवृति ब्रिटेन में ही बदल चुकी थी.' परवेज़ मुशर्रफ़ का कहना है कि आत्मघाती हमलावर कोई 'एक्सपर्ट नहीं थे' उनके पीछे किसी और का दिमाग़ काम कर रहा था. पाकिस्तान के राष्ट्रपति बीबीसी के विशेष कार्यक्रम 'न्यू अल क़ायदा' के लिए दिए गए इंटरव्यू में कहा, "अगर वे पाकिस्तान आए भी थे, वहाँ कुछ चरमपंथी तत्वों से मिले भी थे तो भी सच तो यही है कि वे 20 वर्षों से ब्रिटेन में रह रहे थे." मदरसे जाँच से पता चला था कि सात जुलाई के दो आत्मघाती बम हमलावर पाकिस्तान गए थे जिसके बाद ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने परवेज़ मुशर्रफ़ से कहा था कि वे मदरसों में पढ़ने वाले चरमपंथी तत्वों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें. लेकिन पाकिस्तानी राष्ट्रपति का कहना है कि आत्मघाती बम हमलावर पाकिस्तान के एक दौरे के बाद जान देने पर उतारू नहीं हो गए बल्कि उन्हें ब्रिटेन के इस्लामी चरमपंथी मौलवियों ने हिंसा का पाठ पढ़ाया था. पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने इस बात पर आश्चर्य प्रकट किया कि ब्रिटेन में कट्टरपंथी मौलवियों के ख़िलाफ़ पहले ही कार्रवाई क्यों नहीं की गई. इसी इंटरव्यू में परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा कि इस्लामी कट्टरपंथी मौलवियों के मामले में ब्रितानी सरकार का रवैया काफ़ी नरम रहा है. उन्होंने कहा कि फ़ौरी तौर पर क़दम उठाने की ज़रूरत है कि ताकि "मस्जिदों का इस्तेमाल लोगों के दिमाग़ में अतिवाद और नफ़रत भरने के लिए न किया जाए." पाकिस्तान में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने मदरसों से विदेशी छात्रों को निकालने का आदेश पहले ही दे दिया है, साथ ही सभी मदरसों को निर्देश दिया गया है कि वे अपना रजिस्ट्रेशन करवाएँ. |
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