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'मौलवियों पर देशद्रोह की कार्रवाई संभव' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन में ऐसे कई मौलवियों के ख़िलाफ़ देशद्रोह का मुकदमा चलाया जा सकता है जिन्होंने लंदन में हुए बम धमाकों का समर्थन किया था. ब्रिटेन के एटॉर्नी जनरल के दफ़्तर ने ऐसा किए जाने की पुष्टि की है. लंदन में सात जुलाई को हुए धमाकों में 50 से ज़्यादा लोग मारे गए थे. एटॉर्नी जनरल की एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि अधिकारी धमाकों के बाद के इन मौलवियों के लेख, भाषण, टिप्पणियों का अध्ययन कर रहे हैं. प्रवक्ता का कहना था कि तीन लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के बारे में विचार हुआ है. इनमें उमर बकरी मोहम्मद, अबू इज़ादीन और अबू उज़ैर शामिल हैं. इन लोगों ने लंदन बम धमाकों के बाद विवादास्पद टिप्पणियाँ की थीं. बताया गया है कि जो लेख छापे गए हैं और फिर प्रसारित किए गए हैं, या फिर जो भाषण इन लोगों ने अपने समर्थकों को दिए हैं, उन सब का अध्ययन किया जा रहा है. उनका कहना था कि आने वाले दिनों में सरकारी वकील और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लंदन में मिलेंगे. वो इस बात का आकलन करेंगे कि क्या इन लोगों के ख़िलाफ़ करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं. |
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