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ब्रिटेन में 10 विदेशी नागरिक हिरासत में | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन में पुलिस ने 10 ऐसे विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है जिनसे गृह मंत्रालय के अनुसार ब्रिटेन की सुरक्षा को ख़तरा है. जॉर्डन के कट्टरपंथी मौलवी अबू क़तादा इनमें से एक हैं. ब्रिटेन के गृह मंत्री चार्ल्स क्लार्क के अनुसार उन्हें इसलिए हिरासत में लिया गया क्योंकि उनकी ब्रिटेन में मौजूदगी राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में नहीं है. महत्वपूर्ण है कि हाल में ब्रिटेन के एटॉर्नी जनरल ने तीन मौलवियों के ख़िलाफ़ देशद्रोह का मामला चलाए जाने के संकेत दिए थे. इसके बाद उनमें से एक कट्टरपंथी इस्लामी गुट अल मुहाजिरून के नेता शेख़ उमर बकरी देश छोड़कर लेबनान चले गए हैं. जॉर्डन के साथ समझौता चार्ल्स क्लार्क ने हिरासत में लिए गए लोगों के नाम तो नहीं बताए हैं लेकिन उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि इन लोगों को इनके देश वापस भेजा जाएगा. बुधवार को ब्रिटेन और जॉर्डन के बीच हुए समझौते के बाद कट्टरपंथी मौलवी अबू क़तादा को पकड़ा गया है. इस समझौते के अनुसार जिन लोगों को ब्रिटेन से जॉर्डन वापस भेजा जाएगा उन पर वहाँ मुकदमा नहीं चलाया जाएगा. क़तादा को उनकी अनुपस्थिति में जॉर्डन में एक बम धमाके के सिलसिले में दोषी ठहराया गया था और वे ब्रिटेन में आतंकवाद निरोधक क़ानून के तहत दो साल कैद रहे हैं. |
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