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ब्रिटेन-पाक प्रत्यर्पण संधि जल्द ही | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन और पाकिस्तान जल्द ही प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर कर सकते हैं और इस मामले में कार्रवाई आंतिम चरण में है. इस संधि के तहत दोनो देश उन लोगों का प्रत्यर्पण कर पाएँगे जिन्हें दूसरे देश की अदालत में पेश करने की ज़रूरत है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नईम ख़ान का कहना था कि पाकिस्तान की पहल पर प्रत्यर्पण संधि के विषय पर बातचीत शुरु हुई. महत्वपूर्ण है कि इस संधि पर तब हस्ताक्षर हो रहे हैं जब लंदन में सात जुलाई में बम धमाकों के संदिग्ध हमलावरों के पाकिस्तानी मूल के होने और वहाँ मदरसों में जाने की ख़बरें आई हैं. इस समय दोनो देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि तो नहीं है लेकिन सरकारी व्यवस्था के मुताबिक लोगों का प्रत्यर्पण हो सकता है. इस्लामाबाद में ब्रितानी उच्चायोग के एक अधिकारी ने रॉएटर्स को बताया है कि संधि के मसौदे पर सहमति हो गई है लेकिन उसे लागू करने में कुछ महीने भी लग सकते हैं. उधर लंदन में पुलिस ने 21 जुलाई के नाकाम बम हमलों के सिलसिले में आठ लोगों के ख़िलाफ़ आरोप दायर कर दिए हैं. |
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