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बकरी को लेबनान में गिरफ़्तार किया गया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के एक इस्लामी नेता उमर बकरी मोहम्मद को लेबनान में गिरफ़्तार कर लिया गया है. बकरी ने एक सप्ताह पहले ही ब्रिटेन छोड़ा था. उन्हें बेरूत में एक टेलीविज़न इंटरव्यू देने के बाद बाहर आते समय हिरासत में ले लिया गया. उमर बकरी ने ये कहकर ब्रिटेन में ख़ासा विवाद खड़ा कर दिया था कि अगर कोई आत्मघाती हमला करना चाहता है तो वे उसके बारे में पुलिस को कोई जानकारी नहीं देंगे. कट्टरपंथी इस्लामी गुट अल मुहाजिरून के नेता बकरी ने 11 सितंबर को न्यूयॉर्क में हुए हमले की सराहना कर भी विवाद खड़ा किया था. ब्रिटेन में बकरी के बारे में जाँच की जा रही है. लेकिन ब्रितानी पुलिस ने कहा है कि उन्होंने गिरफ़्तारी के लिए कोई आग्रह नहीं किया है. लेबनान के अधिकारियों ने बकरी की गिरफ़्तारी की कोई वजह नहीं बताई है लेकिन स्थानीय मीडिया का कहना है कि उनसे लेबनान आने के बारे में पूछा जा रहा है. दोहरी नागरिकता समझा जाता है कि बकरी के पास सीरिया और लेबनान की दोहरी नागरिकता है और उन्होंने 1980 के दशक से ब्रिटेन में राजनीतिक शरण ले रखी है. ऐसा कहा जा रहा है कि शायद क़ानून की पकड़ से बचने के लिए वे ब्रिटेन छोड़कर चले गए. लेकिन बकरी ने इससे इनकार करते हुए कहा है कि वह पाँच-छह सप्ताह की छुट्टी पर हैं और लेबनान में अपनी माँ के साथ रह रहे हैं. उन्होंने ये भी कहा है कि अगर ब्रितानी अधिकारी उनपर कोई आरोप लगाते हैं तो वे उसका सामना करने के लिए वापस आएँगे. बकरी की गिरफ़्तारी की ख़बर ऐसे समय में आई जब ब्रिटेन में अधिकारियों ने ये कहा कि वहाँ 10 ऐसे विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है जिनसे देश की सुरक्षा को ख़तरा है. |
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