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लंदन धमाकों के सिलसिले में आरोप दायर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंदन में 21 जुलाई को नाकाम बम हमलों के सिलसिले में पुलिस ने दो अन्य मुख्य संदिग्ध हमलावरों के ख़िलाफ़ आरोप दायर किए हैं. शनिवार को यासीन हसन उमर नाम के एक संदिग्ध हमलावर के ख़िलाफ़ आरोप दायर किए गए थे. इस मामले में अब तक कुल आठ लोगों के ख़िलाफ़ आरोप दायर किए गए हैं जिनमें से पाँच व्यक्तियों पर पुलिस से जानकारी छिपाने और 'आतंकवादियों' की मदद करने का आरोप लगाया गया है जबकि यासीन उमर, इब्राहीम मुख़्तार सैद और रम्ज़ी मोहम्मद पर हत्या की कोशिश करने के आरोप लगाए गए हैं. यासीन उमर पर लंदन के वारन स्ट्रीट पर धमाका करने की साज़िश करने का आरोप है जबकि इब्राहीम सैद पर आरोप है कि उन्होंने एक बस में विस्फोटक रखे थे. तीसरे अभियुक्त रम्ज़ी पर आरोप है कि उन्होंने दक्षिणी लंदन के ओवल भूमिगत रेलवे स्टेशन पर बम विस्फोट करने की कोशिश की थी. प्रत्यर्पण इस बीच दक्षिण एशियाई मूल के एक ब्रितानी नागरिक को ज़ाम्बिया की सरकार ने लंदन वापस भेज दिया है. हारून रशीद असवत नाम के इस व्यक्ति को लंदन पहुँचते ही गिरफ़्तार कर लिया गया, अमरीका का मानना है कि हारून रशीद 'आतंकवादियों को प्रशिक्षण देने के लिए' शिविर चलाते थे. हारून रशीद को सोमवार को लंदन की एक अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ उन्हें अमरीका को सौंपने के बारे में सुनवाई होगी. अमरीका का कहना है कि 1999 से 2000 के बीच हारून ने ऑरेगन प्रांत में प्रशिक्षिण शिविर बनाकर अफ़ग़ानिस्तान में लड़ने के लिए लोगों को तैयार किया था. |
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