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सद्दाम के ख़िलाफ़ पहला अभियोग दर्ज | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के विशेष न्यायाधिकरण ने पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ पहली बार औपचारिक तौर पर अभियोग लगाए हैं. पहला अभियोग दुजाली गाँव में शिया मुसलमानों की हत्या कराने का लगाया गया है, आरोप है कि 1982 में सद्दाम हुसैन की हत्या करने की कोशिश किए जाने के बाद उन्होंने इस गाँव के अनेक लोगों की हत्या करा दी थी. बीबीसी संवाददाता कैरोलाइन हॉली ने बग़दाद से जानकारी दी है कि इस मामले में जाँच सबसे अधिक आगे बढ़ चुकी है इसलिए अभियोग दाख़िल किया गया है लेकिन सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ इससे बहुत अधिक गंभीर आरोप हैं. अगले कुछ दिनों में मुकदमे की सुनवाई की तारीख़ें घोषित की जाएँगी. अगर सद्दाम हुसैन को दोषी पाया गया तो उन्हें मृत्युदंड तक दिया जा सकता है, अभी उन्हें इराक़ में किसी अज्ञात स्थान पर बंदी बनाकर अमरीकी सेना की निगरानी में रखा गया है. सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ सुनवाई करने वाले न्यायाधिकरण के मुख्य जज राएद जुही ने बताया है कि दुजाली गाँव हत्याकांड की जाँच पूरी हो गई है. अनुमान लगाया जा रहा है कि पूर्व इराक़ी राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ मुक़दमे की सुनवाई सितंबर महीने से शुरू हो सकती है. दुजाली बताया गया है कि सद्दाम हुसैन को मारने की कोशिश के नाकाम होने के बाद इराक़ी सेना ने इस गाँव पर हेलिकॉप्टरों के साथ हमला कर दिया था, इस हमले में 140 गाँववासी मारे गए थे और सैकड़ों लोगों को बुरी तरह मारा-पीटा गया था. इस मामले में सद्दाम हुसैन के अलावा, पूर्व उप राष्ट्रपति ताहा यासीन रमज़ान और एक पूर्व जज के ख़िलाफ़ भी इस मामले में मुक़दमा चलेगा. राएद जुही ने कहा, "संभावना है कि अगले कुछ सप्ताह में हम अन्य मामलों की जाँच भी पूरी कर लेंगे." इराक़ी सरकार ने कहा है कि सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ सिर्फ़ 12 अभियोग लगाए जाएँगे, अदालत का कहना है कि उनके ख़िलाफ़ 500 तक मुकदमे बन सकते हैं लेकिन उनकी जगह मुख्य अभियोगों पर ही सुनवाई की जाएगी. 1991 में शिया मुसलमानों का दमन, कुर्द गाँव हलाब्जा में 1988 में जनसंहार और 1990 में कुवैत पर हमला आदि अन्य मुख्य अभियोग हैं जो उनके ख़िलाफ़ लगाए जाएँगे. |
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