| सद्दाम फ़ोटो मामले की अमरीकी जाँच | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी सेना इस बात की जाँच कर रही है कि इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन की अर्द्धनग्न तस्वीरें एक ब्रितानी अख़बार तक कैसे पहुँची. अमरीकी सेना के एक प्रवक्ता ने कहा है कि मामले की ज़ोर-शोर से जाँच की जा रही है. इससे पहले सद्दाम हुसैन के वकील ने ब्रितानी अख़बार "सन" और तस्वीरों के प्रकाशन से जुड़े सभी लोगों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई करने की घोषणा की थी. इसकी परवाह नहीं करते हुए अख़बार ने शनिवार को पूर्व इराक़ी राष्ट्रपति की कुछ अन्य तस्वीरें छापी हैं. हालाँकि इस बार उन्हें कांटेदार तार से घिरी जेल के भीतर पूरे कपड़ों में दिखाया गया है. शुक्रवार को ब्रिटेन के सबसे लोकप्रिय अख़बार 'सन' के पहले पन्ने पर सद्दाम हुसैन को एक जाँघिया भर पहने दिखाया गया था. बाकी तस्वीरों में से एक में सद्दाम हुसैन को एक बर्तन में अपनी जुराबें धोते हुए दिखाया गया था. अख़बार ने कहा है कि तस्वीरें उसे अमरीकी सेना के एक व्यक्ति से मिली हैं. अख़बार के प्रकाशक ने इस मामले में किसी भी क़ानूनी लड़ाई के लिए तैयार होने की बात की है. बुश की टिप्पणी इस बीच अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने मामले की सैन्य जाँच का समर्थन तो किया है, लेकिन साथ ही कहा है कि उन्हें नहीं लगता तस्वीरों के प्रकाशन से इराक़ में चरमपंथियों का हौसला बढ़ेगा. उन्होंने कहा, "मैं नहीं समझता किसी तस्वीर से हत्यारों को प्रेरणा मिलती है. मेरी समझ में उन्हें उस विचारधारा से प्रेरणा मिलती है जो इस क़दर क्रूर और दकियानूसी है कि पश्चिमी जगत में बहुतों को उनकी सोच का अंदाज़ा तक नहीं लग पाता है." अमरीका का कहना है कि फ़ोटो से लगता है कि युद्धबंदियों के साथ बर्ताव संबंधी जिनेवा संधि का उल्लंघन हो रहा है. उधर अमरीकी सेना के एक बयान में कहा गया है कि "हम इस बात से दुखी हैं कि सद्दाम हुसैन की सुरक्षा के लिए तैनात किसी व्यक्ति ने उनकी तस्वीर खींची और उसे सार्वजनिक स्तर पर जारी कर दिया." |
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