BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 13 दिसंबर, 2004 को 08:21 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
सद्दाम की गिरफ्तारी को एक साल
सद्दाम हुसैन
ताश के बावन पत्तों में से तुरुप का पत्ता माने जा रहे थे सद्दाम
ठीक एक साल पहले इराक़ के अमरीकी गवर्नर पॉल ब्रेमर ने खचाखच भरे प्रेस कांफ्रेंस में घोषणा की थी :" हमने उन्हें पकड़ लिया है". पकड़े गए व्यक्ति सद्दाम हुसैन थे.

अमरीकी सेना ने 13 दिसंबर को ताश के 52 पत्तों में से इक्का यानी सद्दाम हुसैन को गिरफ्तार किया था. सद्दाम की गिरफ्तारी तिकरीत शहर में हुई जहां उन्हें जमीन के नीचे बने एक बंकरनुमा कमरे से निकाला गया.

बिना किसी गोलीबारी के गिरफ्तार सद्दाम जब दुनिया के सामने आए तो उनकी दाढ़ी बढ़ी हुई थी और वो बेहद थके हुए लग रहे थे.

अमरीकियों का मानना था कि यही व्यक्ति इराक़ में चरमपंथी गतिविधियां फैला रहा है और इसकी गिरफ्तारी होते ही सबकुछ ठीक हो जाएगा. अधिकारीगण तो पूरे विश्वास से कह रहे थे कि सद्दाम के पकड़े जाते ही इराक़ शांत हो जाएगा.

टेलीविजन पर अमरीकी जनता को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति जार्ज बुश ने भी कहा, " इराक़ के इतिहास में एक काले और दुखद काल का अंत हो गया है".

अमरीकी केंद्रीय सैनिक कमान के मुख्य जनरल जॉन अबिजैद ने भी कहा कि सद्दाम कि गिरफ्तारी चरमपंथी कार्रवाईयों के लिए मनोवैज्ञानिक झटका होगी और आने वाले समय में इसका फायदा होगा.

सद्दाम को पकड़ने वाली सैनिक टुकड़ी चौथी इंफैन्ट्री के प्रमुख मेजर जनरल जे ओडिरनो ने घोषणा कर दी थी चरमपंथी घुटनों के बल झुकने को मजबूर होंगे और छह महीने में ही हालात में बदलाव दिखेगा.

सैनिकों में बढ़ोतरी

इराक़ में सद्दाम की गिरफ्तारी को एक साल हो गया है और हालात पहले से बेहतर नहीं कहे जा सकते.

सद्दाम हुसैन
गिरफ्तारी के समय फटेहाल थे सद्दाम

सद्दाम की गिरफ्तारी के बाद मरने वाले अमरीकी सैनिकों की संख्या बढ़ी है. पिछले महीने तक देश भर में औसतन हर दिन 100 चरमपंथी हमले हो रहे थे.

अमरीकी जनरलों के अनुसार जुलाई महीने तक इन हमलों में कमी आनी चाहिए थी क्योंकि सद्दाम गिरफ्तार हो चुके हैं.

इराक़ में अपहरण का खौफ इतना अधिक है कि पश्चिमी देशों का कोई भी नागरिक किसी भी शहर की गली में घूम नहीं सकता. पेंटागन ने सैनिकों की संख्या बढ़ाकर रिकार्ड डेढ़ लाख तक कर दी है क्योंकि यहां जनवरी में चुनाव होने हैं.

एक साल के बाद भी सद्दाम के ख़िलाफ़ सुनवाई शुरु नहीं हुई है. सद्दाम को इराक़ में किसी गुप्त स्थान पर रखा गया है. सद्दाम अमरीकी सैनिकों के कब्ज़े में है और 40 इराक़ी न्यायाधीशों का एक विशेष आयोग उनके ख़िलाफ़ सुनवाई करने वाला है.

कविता और बाग़बानी

सद्दाम को जेल में किस तरह रखा जा रहा है इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है.

अमरीकी कमान सिर्फ इतना बताता है कि उन्हें अभी इराक़ में ही रखा गया है और कैदियों को मिलने वाले सारे अधिकार उन्हें दिए गए है.

हालांकि इस साल अगस्त महीने में इराक़ के मानवाधिकार मंत्री बख्तियार अमीन ने गार्डियन अख़बार को बताया कि पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम जेल में अपना समय कविता लिखने, बागबानी करने और क़ुरान पढ़ने में बिताते हैं.

सद्दाम के साथ 11 और राजनीतिक कैदी हैं जिनमें उनके रिश्तेदार अली हसन अल माज़िद उर्फ केमिकल अली भी शामिल हैं. लेकिन कैदियों को एक दूसरे से मिलने नहीं दिया जाता है.

योजना थी कि सद्दाम और अन्य राजनीतिक कैदियों के ख़िलाफ जल्द से जल्द सुनवाई हो और छह महीने में इसे पूरा कर लिया जाए लेकिन कई कारणों से ऐसा नहीं हुआ है.

इराक़ के क़ानूनी जानकारों का कम अनुभव और सद्दाम के ख़िलाफ हज़ारों दस्तावेज, क़ानूनी दांवपेंच ही सुनवाई शुरु करने की मुश्किलें नहीं थीं बल्कि देश की ख़राब होती सुरक्षा व्यवस्था ने भी इसमें बड़ी भूमिका निभाई.

अब अंतरिम सरकार का कहना है कि सुनवाई अगले साल चुनावों के बाद की जाएगी.

इस मामले को सदी का सबसे बड़ी सुनवाई करार दिया जा रहा है लेकिन इससे अमरीका को ऐसी कोई भी चीज हासिल नहीं हो सकी है जिसकी उम्मीद उसे एक साल पहले थी.

इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>