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सद्दाम हुसैन कविताएँ लिख रहे हैं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन जेल में दिन भर क्या करते हैं, क्या खाते-पीते हैं वग़ैरा पर पहली बार कुछ जानकारी बाहर आई है. इराक़ के मानवाधिकार मंत्री बख़्तियार अमीन ने सद्दाम हुसैन से जेल में मुलाक़ात के बाद उनकी दिनचर्या का कुछ विवरण ज़ाहिर किया है. बख़्तियार अमीन ने जेल में सद्दान हुसैन से मुलाक़ात के बाद ब्रिटेन के अख़बार गार्डियन को बताया है कि सद्दाम की सेहत अच्छी है और उन्हें जेल में अच्छे हालात में रखा गया है. अमीन ने बताया है कि सद्दाम हुसैन को कुछ चीज़ों से महरूम रखा गया है. मसलन, उन्हें अख़बार पढ़ने और टेलीविज़न देखने की इजाज़त नहीं है लेकिन क़िताबें पढ़ सकते हैं. सद्दाम हुसैन क़ुरआन पढ़ते हैं और उन्होंने कुछ कविताएँ भी लिखी हैं. अमीन ने बताया, "उनकी एक कविता अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के बारे में है लेकिन मैं उसे पढ़ नहीं सका." सद्दाम हुसैन पर जनसंहार के आरोप लगाए गए हैं और वह मुक़दमा शुरू होने का इंतज़ार कर रहे हैं. अमीन का कहना था कि पूर्व राष्ट्रपति कुछ हताश और कमज़ोर नज़र आते हैं. नाश्ता बख़्तियार अमीन ने गार्डियन को बताया कि सद्दाम हुसैन को एक वातानुकूलित प्रकोष्ठ में रखा गया है जो तीन मीटर चौड़ा और चार मीटर लंबा है.
इराक़ी मंत्री ने कहा कि सद्दाम हुसैन अपनी ख़ुराक़ के बारे में बहुत सावधान हैं लेकिन उन्हें अब अमरीकी मफ़िन और कुकीज़ यानी बिस्कुट अच्छे लगने लगे हैं. सद्दाम हुसैन को अमरीकी सैन्य जेल में अपने प्रकोष्ठ के पास ही बने एक छोटे से बाग़ीचे में सुबह सैर की भी इजाज़त है और वह इस दौरान कुछ क़सरत भी कर लेते हैं. बख़्तियार अमीन एक मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं और उनके कुछ संबंधी सद्दाम हुसैन के शासनकाल में मारे गए थे. उन्होंने कहा कि गत शनिवार को जेल का दौरा करने के दौरान उन्होंने सद्दाम हुसैन से कोई बातचीत नहीं की. अमीन ने यह नहीं बताया कि सद्दाम हुसैन को कहाँ रखा गया है लेकिन गार्डियन का कहना है कि सद्दाम हुसैन को इराक़ में ही किसी अमरीकी जेल में रखा गया है. सद्दाम हुसैन को जुलाई के आरंभ में अदालत में पेश किया गया था और उनके ख़िलाफ़ लगाए जाने वाले आरोपों से उन्हें वाक़िफ़ कराया गया था. सद्दाम हुसैन पर लगाए जाने वाले आरोपों में - 1980 में कुर्दों के ख़िलाफ़ अभियान चलाना और 1991 के खाड़ी युद्ध के बाद कुर्दों और शियाओं के विद्रोहों को दबाना शामिल हैं. |
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