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'धमाके आत्मघाती हमलावरों ने नहीं किए' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंदन में हुए धमाकों की जाँच कर रही सुरक्षा सेवाओं का कहना है कि वे निश्चित तौर पर कह सकते हैं कि ट्रेन में धमाके आत्मघाती हमलावरों ने नहीं किए थे. ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार जाँचकर्ताओं का मानना है कि हमलावर धमाकों से कुछ ही क्षण पहले भूमिगत रेलगाड़ियों से निकल गए थे. बीबीसी संवाददाता डेविड बैम्फ़र्ड का कहना है कि इसका मतलब ये हुआ कि ये हमलावर न केवल जीवित हैं लेकिन ब्रिटेन के समाज में ही कहीं छिपे हुए हैं. जाँचकर्ताओं का मानना है कि हमलावर किंग्सक्रॉस स्टेशन पर एकत्र हुए और फिर अलग-अलग दिशाओं में चले गए. ये माना जा रहा है कि हमलावरों ने वही रणनीति अपनाई जो पिछले साल स्पेन में हुए बम धमाकों के समय हमलावरों ने अपनाई थी. लेकिन बस में हुए बम धमाके के बारे में जाँचकर्ताओं का मानना है कि संभावना है कि हमलावर भी धमाके में मारा गया. लेकिन उनका ये भी कहना है कि ज़रूरी नहीं कि बस में धमाका करने वाले हमलावर की योजना धमाका कर बस में अपनी जान देने की थी. रविवार को स्कॉटलैंड यार्ड ने जनता से अपील की थी कि हमलों के दौरान मोबाइल फ़ोन से खींची गई तस्वीरें और वीडियो पुलिस जाँच के लिए सौंप दें. पुलिस का मानना है कि धमाकों के दौरान और उसके फ़ौरन बाद खींची गई तस्वीरों और रिकॉर्डिंग से काफ़ी महत्वपूर्ण सुराग़ मिल सकते हैं. इस अपील पर लोगों ने कुछ ही घंटे में अनेक तस्वीरें और वीडियो पुलिस को एक ई-मेल पते पर भेज दिए. लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर आतंकवाद विरोधी क़ानून के तहत तीन लोगों को गिरफ़्तार भी किया है लेकिन गुरूवार के धमाकों से उनका संबंध होने की पुष्टि नहीं की है. |
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