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फ़्रांस में यूरोपीय संविधान पर जनमतसंग्रह | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूरोपीय संघ के प्रस्तावित संविधान पर फ़्रांस में आज जनमतसंग्रह हो रहा है. जनमतसंग्रह पर मतदान से पहले शुक्रवार को हुए आख़िरी जनमत सर्वेक्षण में संविधान के ख़िलाफ़ राय देने वालों की संख्या ज़्यादा बताई गई. लेकिन फ़्रांस की सरकार को उम्मीद है कि 20 प्रतिशत से ज़्यादा मतदाता, जिन्होंने अभी अपनी राय नहीं बनाई है, आख़िरी क्षणों में संविधान के पक्ष में ही मतदान करेंगे. संविधान के ख़िलाफ़ प्रचार करने वालों का तर्क है कि इससे फ़्रांस की आर्थिक व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ेगा और देश में बेरोज़गारी बढ़ेगी. लेकिन फ़्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक शिराक ने दावा किया कि फ़्रांसीसियों के लिए यह बेहतरीन संविधान साबित होगा जो फ़्रांसीसी मूल्यों और इसके सामाजिक ढाँचे से प्रभावित है. यूरोपीय संविधान उसी समय लागू होगा जब सभी सदस्य देश इसकी पुष्टि कर देंगे. नौ देशों ने पहले ही इस संविधान को मंज़ूरी दे दी है. विभाजन पेरिस से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि महीनों तक चली बहस के बाद आज फ़्रांस के मतदाता यूरोपीय संविधान पर अपना फ़ैसला सुनाने वाले हैं.
यूरोपीय संविधान पर महीनों तक चली बहस में देश बँट गया था. हालाँकि इस मामले पर सत्ताधारी यूएमपी पार्टी और विपक्षी सोशलिस्ट पार्टी ने मतदाताओं से अपील की है कि वे संविधान के पक्ष में मतदान करें. पेरिस स्थित एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यूरोपीय संविधान पर हुई बहस में जनता यूरोपीय मुद्दों पर उलझी रही और इनमें प्रमुख मुद्दे थे- आर्थिक नीति और आव्रजन का मामला. यूरोपीय संघ में शामिल सरकारों के बीच चले लंबे विचार-विमर्श के बाद पिछले साल संविधान को अंतिम रूप दिया गया था. संधि के अंतर्गत मौलिक अधिकारों के लिए चार्टर बनाने के अलावा एक विदेश मंत्री नियुक्त करने और एक राजनयिक सेवा शुरू करने की बात भी कही गई है. इस प्रस्तावित संविधान के लागू होने के लिए सभी सदस्य देशों की मंज़ूरी आवश्यक है. वो चाहे जनमतसंग्रह से हो या फिर संसद में मतदान से. फ़्रांस दूसरा ऐसा यूरोपीय संघ का सदस्य देश है जहाँ जनमतसंग्रह हो रहा है. इससे पहले स्पेन में भी इस मामले पर जनमतसंग्रह हुआ था जिसमें देश की जनता ने संविधान के पक्ष में वोट दिया था. जिसके बाद स्पेन की संसद के दोनों सदनों ने भी इसे मंज़ूरी दे दी थी. जर्मनी ने शुक्रवार को संसद में हुए मतदान के बाद संविधान को मंज़ूरी दी. फ़्रांस के बाद बुधवार को नीदरलैंड में भी जनमतसंग्रह होगा जहाँ माना जा रहा है कि संविधान के ख़िलाफ़ राय रखने वाले आगे हैं. |
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