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स्पेन में यूरोपीय संविधान पर जनमतसंग्रह | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूरोपीय संघ के नए संविधान पर पहला जनमतसंग्रह स्पेन में हो रहा है. रविवार को स्पेन में हो रहा जनमतसंग्रह 11 यूरोपीय देशों में होने वाले जनमतसंग्रहों में से पहला है. स्पेन में सत्ताधारी और विपक्षी-दोनों पार्टियों ने यूरोपीय संघ के नए संविधान का समर्थन किया है और उम्मीद है कि ज़्यादातर लोग इसके पक्ष में ही मतदान करेंगे. शुक्रवार को प्रचार के आख़िरी दिन स्पेन के प्रधानमंत्री लुई रॉड्रिगेज़ ज़पातेरो ने स्पेन की जनता से अपील की कि वे बड़ी संख्या में मतदान में हिस्सा लें. सरकार को यह आशंका है कि मतदान में कम ही लोग हिस्सा लेंगे. 2004 में यूरोपीय संघ के संविधान पर सहमति हुई थी लेकिन इसे सभी 25 सदस्य देशों की मंज़ूरी आवश्यक है. यूरोपीय संघ में 10 नए देशों को शामिल करने के बाद नए संविधान में निर्णय लेने की प्रक्रिया को कारगर बनाने की कोशिश की गई है. नए सदस्य देशों में ज़्यादातर मध्य और पूर्वी यूरोप के देश हैं. यूरोपीय संघ के संविधान पर हो रहे जनमतसंग्रह में क़रीब तीन करोड़ 50 लाख लोग मतदान कर सकते हैं. उम्मीद मैड्रिड से बीबीसी संवाददाता एलिनोर शील्ड्स का कहना है कि ज़पातेरो की अगुआई वाली स्पेन की समाजवादी सरकार को उम्मीद है कि जनता संविधान के पक्ष में मतदान करेगी और इससे अन्य यूरोपीय देशों में मज़बूत संदेश जाएगा. लेकिन जानकारों का कहना है कि जनमतसंग्रह पर सिर्फ़ 40-50 फ़ीसदी मतदान ही हो सकता है. शुक्रवार को प्रचार के आख़िरी दिन प्रधानमंत्री ज़पातेरो ने कहा कि स्पेन के लोगों के लिए नए संविधान का बहुत महत्व है. उन्होंने कहा कि स्पेन की जनता ने 1978 में अपने देश के लिए ऐसा ही प्रस्ताव स्वीकृत किया था और जनरल फ़्रांसिस्को फ़्रैंको के बाद देश में लोकतंत्र की स्थापना की थी. ज़पातेरो ने कहा, "एक बार फिर हमारे पास ऐतिहासिक मौक़ा है और हमें इसे व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए. हमें संविधान का समर्थन करना चाहिए." हालाँकि स्पेन में जनमतसंग्रह को आख़िरी फ़ैसला नहीं माना जाएगा और देश की संसद इस पर आख़िरी फ़ैसला करेगी. |
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