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मंगलवार, 10 मई, 2005 को 22:55 GMT तक के समाचार
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रफ़संजानी राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ेंगे
हाशमी रफ़संजानी
हाशमी रफ़संजानी दो बार राष्ट्रपति रह चुके हैं
ईरान के पूर्व राष्ट्रपति हाशमी रफ़संजानी ने कहा है कि वह इस पद के लिए एक बार और क़िस्मत आज़माएंगे और आगामी चुनाव में उम्मीदवार के तौर पर खड़े होंगे.

70 वर्षीय रफ़संजानी को राष्ट्रपति पद के लिए 17 जून को प्रस्ताविक चुनावों में प्रबल उम्मीदवार माना जा रहा है.

हालाँकि उन्होंने कहा है कि अगर उन्हें सर्वोच्च आध्यात्मिक नेता आयतुल्लाह अली ख़मेनेई की समर्थन हासिल नहीं होगा तो वह चुनाव में खड़े नहीं होंगे.

तेहरान में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि रफ़संजानी को यथार्थवादी और परंपरावादी नेता माना जाता है.

मौजूदा राष्ट्रपति मोहम्मद ख़ातमी का यह दूसरा कार्यकाल है और संविधान के अनुसार कोई एक नेता लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति पद पर नहीं चुना जा सकता.

हाशमी रफ़संजानी

रफ़संजानी ने तीन पन्नों वाला एक वक्तव्य जारी करते हुए कहा, "17 जून के चुनाव में खड़ा होने का फ़ैसला करना मेरे लिए हाल के वर्षों में काफ़ी मुश्किल फ़ैसला रहा है."

उन्होंने कहा कि ईरान कुछ ऐसे विध्वंसकारी तनाव से गुज़र रहा है जिससे देश के विकास पर असर पड़ता है.

रफ़संजानी को पश्चिमी देशों के प्रति नरम रुख़ वाला नेता कहा जाता है लेकिन साथ ही उन्हें एक सुधारवादी से ज़्यादा सामाजिक परंपरावादी भी माना जाता है.

हाशमी रफ़संजानी 1989 से 1997 के बीच दो बार राष्ट्रपति रह चुके हैं और तीसरी बार इस पद पर खड़ा होने के की घोषणा करने में उन्होंने काफ़ी झिझक दिखाई है.

तेहरान में बीबीसी संवाददाता फ्रांसिस हैरिसन का कहना है कि रफ़संजानी काफ़ी दिनों से सरकारी व्यवस्था का हिस्सा नहीं रहे हैं.

पंजीकरण

राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए पंजीकरण मंगलवार को शुरू हुआ और अनेक लोगों ने पंजीकरण कराया जिनमें कुछ महिलाएँ भी थी, हालाँकि महिलाओं को ईरानी क़ानून के तहत इस पद के लिए चुनाव लड़ने की इजाज़त नहीं है.

इस पद के लिए उम्मीदवार बनने वाले नेताओं को शूरा-ए-निगेहबान की मंज़ूरी मिलनी ज़रूरी है. शूरा-ए-निगेहबान एक ऐसी ताक़तवर परिषद है जो यह सुनिश्चित करती है कि इस पद के लिए चुनाव लड़ने वाले लोग ईमानदार हैं या नहीं और इस्लामी गणराज्य के मूल्यों में विश्वास रखते हैं या नहीं.

सर्वोच्च आध्यात्मिक नेता आयतुल्ला ख़मेनेई ने सोमवार को कहा था कि वह देश की बाग़डोर किसी एक राजनीतिक धड़े के हाथों में नहीं देना चाहते हैं.

इस बयान को उनका रफ़संजानी के बारे में यह संकेत माना गया था कि वह आगे बढ़कर इस चुनाव में खड़ा हो सकते हैं.

और मंगलवार को रफ़संजानी ने आधिकारिक तौर पर यह ऐलान कर दिया कि वह इस चुनाव में एक उम्मीदवार होंगे.

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