| जाफ़री ने मंत्रियों की सूची सौंपी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के मनोनीत प्रधानमंत्री इब्राहीम अल जाफ़री ने अपनी सरकार में शामिल होने वाले मंत्रियों की सूची अनुमोदन के लिए तीन सदस्यों वाली राष्ट्रपतिय परिषद के सामने रख दी है. इसके साथ ही जनवरी में हुए चुनावों के बाद से जारी राजनीतिक गतिरोध समाप्त हो गया है. इब्राहीम जाफ़री के प्रस्ताव में देश के प्रमुख जातीय और धार्मिक गुटों को प्रतिनिधित्व दिया गया है और अब इसे सांसदों के बहुमत का अनुमोदन हासिल होना है. अमरीका का कहना है कि चुनाव के बाद से किसी स्थिर सरकार के गठन में देरी ने सुरक्षा उपायों को अवरुद्ध कर रखा है. इब्राहीम जाफ़री ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्होंने सूची को अंतिम रूप दे दिया है लेकिन यह नहीं बताया कि इसमें कौन लोग शामिल हैं. सुन्नियों को अहमियत वैसे, इस बात के संकेत हैं कि सुन्नी अरबों को महत्वपूर्ण मंत्रालय दिए जाने हैं. सुन्नी अरबों ने जनवरी में हुए चुनावों का बहिष्कार किया था. बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि यदि सब कुछ ठीक ठाक चलता रहा तो नई सरकार अगले कुछ ही दिनों में काम करना शुरू कर देगी. इससे पहले बग़दाद में एक महिला सांसद की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी और जनवरी में चुनाव होने के बाद विद्रोहियों के हाथों पहली बार किसी सांसद की हत्या हुई है. प्रधानमंत्री की घोषणा से कुछ ही देर पहले बंदूक़धारियों ने महिला सांसद लामिया आबेद ख़दूरी की उनके निवास पर गोली मार कर हत्या करदी. पुलिस का कहना है कि बंदूक़धारियों ने उनके दरवाज़े पर दस्तक दी और जब वह बाहर आईं तो उन पर गोली चला दी. |
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