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इराक़ में सरकार गठन के लिए दबाव | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका अधिकारियों ने कहा है कि बुश प्रशासन इराक़ी नेताओं पर दबाव डाल रहा है कि वे राजनीतिक गतिरोध को समाप्त करके नई सरकार जल्द से जल्द बनाने का रास्ता साफ़ करने के लिए प्रयास करें. ग़ौरतलब है कि इराक़ में तीस जनवरी को चुनाव हुए थे लेकिन क़रीब तीन महीने गुज़रने के बाद भी अभी तक वहाँ कोई सरकार नहीं बन पाई है. चुनावों में किसी भी एक दल को सरकार बनाने के लिए पर्याप्त बहुमत नहीं मिला था. अमरीकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस और उपराष्ट्रपति डिक चैनी दोनों ही नेताओं ने हाल के दिनों में इराक़ में कुर्द और शिया नेताओं से संपर्क साधा है. अमरीकी नेताओं ने इराक़ी नेताओं पर दबाव डालते हुए यही कहा है कि वे जितना जल्दी हो सके, नई सरकार का गठन करें. इराक़ के विदेश मंत्री होशयार ज़ेबारी ने बीबीसी बातचीत में उम्मीद जताई कि अगले एक-दो दिन में कुछ घोषणा हो सकती है. संवाददाताओं का कहना है कि इराक़ में राजनीतिक ख़ालीपन की स्थिति पर अमरीकी अधिकारी ख़ासे चिंतित हैं और उन्हें डर है कि ऐसे हालात से जातीय तनाव बढ़ सकता है. इराक़ में नई सरकार के गठन के लिए पिछले क़रीब तीन महीने से विभिन्न राजनीतिक दलों में विचार विमर्श चल रहा है. यूरोपीय संघ ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है. यूरोपीय संघ के विदेशी मामलों के आयुक्त बेनिटा फ़रेरो वॉल्डनर ने अनुरोध किया है, "सभी पक्ष सरकार गठन के लिए काम करें." मनोनीत प्रधानमंत्री इब्राहीम जाफ़री के नज़दीकी नेताओं ने रविवार को कहा कि वह अपनी अंतरिम मंत्रिपरिषद का ऐलान करने के लिए तैयार थे लेकिन उसमें अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी का नाम नहीं था. अलावी ने इस महीने के शुरू में घोषणा की थी कि वह गठबंधन सरकार में शामिल होंगे और कम से कम चार मंत्रालयों के लिए दावा करेंगे. |
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