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पोप बेनेडिक्ट की ईसाई एकता की अपील | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वैटिकन में एक विशेष प्रार्थना सभा में पोप बेनेडिक्ट 16वें ने औपचारिक रूप से कैथोलिकों के सर्वोच्च धर्मगुरू का कार्यभार सँभाल लिया है. पोप के रूप में अपने पहले धर्मोपदेश में उन्होंने ईसाई समुदाय में एकता की ज़रूरत पर बल दिया है. पोप ने कहा कि उनके ऊपर बड़ा दायित्व है, लेकिन वो अपने को अकेले नहीं मान रहे हैं और संत समाज उनकी मदद करेगा. सेंट पीटर्स स्क़्वैयर पर जमा लाखों लोगों को संबोधित करने से पहले पोप बेनेडिक्ट ने सर्वोच्च कैथोलिक सत्ता के प्रतीक अंगूठी और दुपट्टे को ग्रहण किया. दो घंटे तक चलने वाले इस विशेष समारोह के लिए रोम के सेंट पीटर्स स्क्वायर में लाखों लोग जमा हुए थे. अनेक लोग गई रात से ही वहाँ जमा थे. नए पोप जर्मनी से हैं और रविवार के समारोह के लिए जर्मनी से भारी संख्या में श्रद्धालु रोम पहुँचे. जर्मन चांसलर गेरहार्ड श्रोएडर और जर्मन राष्ट्रपति ह्योर्स्ट क्योलर के साथ ही पोप बेनेडिक्ट के बड़े भाई ग्योर्ग रात्सिंगर भी समारोह में शामिल हुए.
दुनिया के अनेक देशों ने अपने प्रतिनिधियों को वैटिकन के समारोह में शामिल होने के लिए भेजा. अमरीकी प्रतिनिधिमंडल की अगुआई राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के भाई जेब बुश ने की. इस मौक़े पर सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए. रोम में विमानरोधी मिसाइलें भी तैनात की गईं. कैथोलिक अनुयायियों का अभिवादन स्वीकार करने से पहले से पहले पोप बेनेडिक्ट सेंट पीटर और पोप जॉन पॉल द्वितीय की क़ब्र पर गए. |
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