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मालदार एशियाइयों की सूची जारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कहा तो गया था कि बहुत ज़ोर शोर से इस समारोह का आयोजन होगा और हमारी मुलाक़ात होगी ब्रिटेन के एशियाई मूल के सबसे अमीर उद्योगपतियों से. मगर हैरानी हुई की 300 उद्योगपतियों में से सिर्फ़ गिने चुने करोड़पति या अरबपति ही वहाँ मौजूद थे. और जब सूची सामने आई तो पहला नाम वही था जिसकी अपेक्षा थी, पिछले साल लंदन में तक़रीबन साढ़े पाँच सौ करोड़ रुपए का घर ख़रीदने वाले और फ़ोर्ब्स पत्रिका की, दुनिया की सबसे अमीर लोगों की सूची में, इस साल तीसरे नंबर पर पहुँचे, लक्ष्मी निवास मित्तल. इस्पात सम्राट मित्तल लगातार तीसरे वर्ष इस सूची में सबसे धनी एशियाई आँके गए हैं. उनकी संपत्ति साढ़े 13 अरब पाउंड बताई गई है जो पिछले साल की संपत्ति साढ़े तीन अरब पाउंड से लगभग 10 अरब पाउंड ज़्यादा है. सर विंस्टन चर्चिल ने कभी कहा था कि बचत बहुत अच्छी चीज़ है ख़ासकर तब जब आपके माता-पिता ने की हो.
मगर मुझे एक बात जानकर ख़ुशी हुई कि इनमें से ज़्यादातर उद्योगपतियों ने अपने बूते पर सफलता हासिल की है. तो इस सफलता के पीछे राज़ क्या है. सूची में 92वें स्थान पर मौजूद रणधीर सिंह सूरी कहते है “एशियाई लोगों को मेहनत का महत्त्व मालूम है और सिर्फ़ मेहनत से ही क़ामयाबी हासिल हो सकती है.” इस सूची में दूसरे नंबर पर आते हैं हिंदुजा भाई. बोफ़ोर्स मामले के चलते उनके लिए पिछला वर्ष कठिन रहा था मगर फिर भी उद्योग में उन्हें फ़ायदा हुआ. वैसे इस सूची में 23 महिलाएँ हैं और इसी साल इस सूची में 21वें नंबर पर जगह बनाने वाले राहुल शर्मा सफलता का श्रेय पत्नी रीटा को देते हैं. वे कहते हैं “महिलाएं आमतौर पर ज़्यादा मेहनती और रचनात्मक होती हैं.” वैसे इस सूची में सबसे कम उम्र के उद्योगपति थे, 26 वर्षीय ज़हीर अहमद, जो खाने-पीने के सामान के व्यापारी हैं. इतनी प्रतिस्पर्द्धा के बावजूद ब्रिटेन में एशियाई मूल के उद्योगपतियों की कुल सम्पत्ति पिछले वर्ष क़रीब 14 अरब पाउंड थी जो इस वर्ष बढ़कर क़रीब 25 अरब पाउंड हो गई है. कैसे आँकी जाती है संपत्ति? इन उद्योगपतियों की सम्पत्ति ब्रिटेन के कंपनी पंजीकरण कार्यालय में उनके खातों से और अन्य कंपनियों में उनकी हिस्सेदारी से आँकी जाती है. मगर उनके बैंक खातों को इसमें जोड़ा नहीं जाता. जो कंपनियाँ शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध नहीं हैं उन निजी कंपनियों की सम्पत्ति आँकना काफ़ी मुश्किल होता है. इसलिए, इन कंपनियों की सम्पत्ति आँकने के लिए पिछले वर्ष के कुल मुनाफ़े को 10 गुना कर दिया जाता है. मगर ये आँकड़े पूरी तरह सही ही हों ये निश्चित करना मुश्किल होता है इसलिए इन कंपनियों से पहले ही माफ़ी माँग ली जाती है. वैसे संपत्ति आँकने के लिए तरीक़ा कोई भी अपनाया जाए लेकिन मशहूर उद्योगपति ज़्याँ पॉल गेटि ने कभी कहा था कि अगर आप अपना पैसा गिन सकते हैं तो आप अमीर नहीं हैं. |
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