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फ़लस्तीनी गुट संघर्षविराम जारी रखने पर सहमत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट इसराइल के साथ अपना सशर्त संघर्षविराम इस साल के अंत तक जारी रखने पर सहमत हो गए हैं. फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास के साथ काहिरा में तीन दिन की बातचीत के बाद ये 13 गुट ऐसा करने पर सहमत हुए हैं. इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने इन चरमपंथी गुटों के इस कदम का स्वागत किया है. उन्होंने मिस्र के राष्ट्रपति होस्ने मुबारक से फ़ोन पर बातचीत में कहा, "काहिरा में जो तय हुआ है वह एक सकारात्मक कदम है. लेकिन इसराइल अब भी सशस्त्र संगठनों की मौजूदगी के ख़िलाफ़ है." लेकिन चरमपंथी गुटों ने ये भी कहा है कि इस दिशा में प्रगति तब ही हो सकती है यदि इसराइल फ़लस्तीन अधिकारियों को निशाना बनाना बंद करता है और जेल में क़ैद हज़ारों फ़लस्तीनियों को रिहा करता है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस समझौते से जो हासिल हुआ है वह फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास की उम्मीद से कम है. फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास और इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन के बीच लगभग एक महीने पहले काहिरा में हुई बैठक के बाद मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया के आगे बढ़ने के आसार मिले थे और उसके बाद ही फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों को संघर्षविराम के लिए राज़ी किया गया था. अब महमूद अब्बास चरमपंथी गुटों को स्थायी संघर्षविराम के लिए मनाने की उम्मीद कर रहे थे. |
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