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करामी का दोबारा प्रधानमंत्री बनना तय | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विपक्ष के दबाव में अपने पद से इस्तीफ़ा दे चुके लेबनान के निवर्तमान प्रधानमंत्री उमर करामी का एक बार फिर प्रधानमंत्री बनना लगभग तय हो गया है. पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी की एक कार बम धमाके में मौत के बाद विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के कारण उमर करामी ने 10 दिनों पहले अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. विपक्ष ने हरीरी की मौत के पीछे लेबनान के अधिकारियों और सीरिया का हाथ होने का आरोप लगाया था. लेबनान के राष्ट्रपति एमिले लाहूद के साथ बातचीत के बाद सांसदों ने बहुमत से प्रधानमंत्री के पद पर करामी की वापसी का समर्थन किया. समर्थन राष्ट्रपति को नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति से पहले सांसदों से बातचीत करनी पड़ती है. राष्ट्रपति ने 78 सांसदों के साथ विचार-विमर्थ किया जिनमें से 69 ने करामी का समर्थन किया.
विपक्ष के 40 संसद सदस्य हैं लेकिन इन्होंने राष्ट्रपति के साथ न तो सलाह-मशविरा किया और न किसी उम्मीदवार को ही आगे किया. विपक्ष ने अपने दो सांसदों को राष्ट्रपति से मिलने ज़रूर भेजा और उन्होंने अपनी मांगों की सूची सामने रखी. विपक्ष की मांग थी कि लेबनान के सुरक्षा प्रमुख इस्तीफ़ा दें और लेबनान से सीरियाई सैनिकों को पूरी तरह वापस बुलाया जाए. लेकिन राष्ट्रपति लाहूद ने विपक्ष के मांगपत्र को स्वीकार तक नहीं किया. उम्मीद है कि करामी को एक बार फिर प्रधानमंत्री नियुक्त करने के बारे में आधिकारिक घोषणा गुरुवार तक हो जाएगी. अभी तक करामी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन माना जा रहा है कि वे पद स्वीकार कर लेंगे और एक राष्ट्रीय सरकार के गठन की कोशिश करेंगे. उनकी कोशिश ये भी होगी कि इस राष्ट्रीय सरकार में विपक्ष भी शामिल हो. मई में लेबनान में संसद के चुनाव भी होने वाले हैं. |
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