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शनिवार, 05 मार्च, 2005 को 21:23 GMT तक के समाचार
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सीरिया सेना पीछे हटाने को तैयार
बशर अल असद का भाषण
लेबनान की राजधानी बेरूत में विशाल टेलीविज़न स्क्रीन पर सीरियाई राष्ट्रपति असद का भाषण
सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद ने घोषणा की है कि लेबनान में उनके सैनिकों को चरणबद्ध तरीक़े से फिर से तैनात किया जाएगा.

सीरियाई संसद को संबोधित करते हुए बशर अल असद ने कहा कि सैनिकों को बक्का घाटी की तरफ़ ले जाया जाएगा और उसके बाद सीरियाई सीमा के नज़दीक तैनात किया जाएगा.

सीरिया के राष्ट्रपति के इस बयान को अमरीका ने नाकाफ़ी बताया है और सैनिकों की पूरी तरह वापसी की माँग की है.

बशर अल असद पर भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव है कि वे लेबनान से अपनी सेना हटाएँ, फ़रवरी में लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हारिरी की कार बम धमाके में मौत के बाद से यह माँग ज़ोर पकड़ गई है.

 हम सुनियोजित तरीक़े से धीरे-धीरे सेना को हटाने के पक्ष में हैं, हम संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव और तैफ़ समझौते का पालन करना चाहते हैं
सीरियाई राष्ट्रपति

लेबनान के प्रमुख विपक्षी नेता वलीद जुम्बलात ने सीरिया की इस घोषणा सकारात्मक क़दम बताया है लेकिन माँग की है कि सीरिया सेना हटाने की समय सारिणी बताए.

लेबनानी राजधानी बेरूत में आम जनता ने सड़कों पर उतरकर इस घोषणा पर ख़ुशी का इज़हार किया है.

देश भर में टीवी पर दिखाए गए टेलीविज़न प्रसारण में सीरियाई राष्ट्रपति ने कहा, "अगर लेबनान में इस बात पर आम सहमित हो कि हमें वहाँ से निकल जाना चाहिए तो हम वहाँ एक दिन भी नहीं रूकेंगे."

उन्होंने कहा, "हम सुनियोजित तरीक़े से धीरे-धीरे सेना को हटाने के पक्ष में हैं, हम संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव और तैफ़ समझौते का पालन करना चाहते हैं."

1989 के तैफ़ समझौते के मुताबिक़ सीरियाई सेना को लेबनान से चरणबद्ध तरीक़े से निकल जाना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

इसके बाद 2004 के संयुक्त राष्ट्र के एक प्रस्ताव में भी सीरिया से विदेशी सैनिकों की वापसी की बात कही गई.

बयान

बशर अल असद का कहना है कि वे लीबिया से पूरी तरह से सैनिकों को हटाने के ख़िलाफ़ नहीं हैं, उन्होंने कहा कि सीरियाई सैनिकों के लिए सबसे स्वाभाविक बात यही होगी कि वे अपने देश में रहें.

एक ओर जहाँ अमरीका ने सीरियाई राष्ट्रपति की घोषणा को नाकाफ़ी बताया है वहीं पड़ोसी देश इसराइल ने कहा है कि "सीरिया संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव को पूरी तरह मानने से कतरा रहा है."

सीरिया और इसराइल के बीच पुरानी शत्रुता रही है, अब इसराइली उप प्रधानमंत्री शिमोन पेरेज़ का कहना है कि अगर सीरिया सेना हटा ले तो इसराइल लेबनान से शांति वार्ता शुरू कर सकता है.

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