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'सीरिया सैनिकों को वापस बुलाए' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लेबनॉन में विपक्षी दलों ने सीरिया से भी मांग की है कि वह आधिकारिक रूप में अपने सैनिकों की लेबनॉन से वापसी की घोषणा करे. विपक्षी दलों ने देश के शीर्ष सुरक्षा और ख़ुफ़िया प्रमुखों के त्यागपत्र की मांग की है. विपक्षी पार्टियों का कहना है कि नई सरकार के गठन में अगर राष्ट्रपति को उनकी सहायता चाहिए, तो ये उनकी शर्त है. लेबनॉन में विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के कारण सीरिया समर्थक सरकार के त्यागपत्र के बाद यह विपक्षी दलों की पहली बैठक थी. राष्ट्रपति को नई सरकार के गठन के लिए संसद सदस्यों से अभी विचार-विमर्श करना है. लेकिन विपक्षी पार्टियों ने अपने सहयोग के लिए शर्त लगा दी है. विपक्षी पार्टियों का कहना है कि पहले देश के शीर्ष सुरक्षा और ख़ुफ़िया अधिकारी अपने पद से इस्तीफ़ा दे. आरोप विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी की हत्या के पीछे सीरिया समर्थक सुरक्षा अधिकारियों और राजनेताओं का हाथ है. पिछले महीने एक कार बम धमाके में पूर्व प्रधानमंत्री हरीरी की मौत हो गई थी. क़रीब 30 साल से सीरिया के सैनिक और सुरक्षा अधिकारी लेबनॉन में डटे हुए हैं और वहाँ उनका काफ़ी प्रभाव भी है. पूर्व प्रधानमंत्री हरीरी की मौत के बाद सीरिया पर दबाव बढ़ा है कि वह लेबनॉन से अपने सैनिकों को वापस बुला ले. लेबनॉन की विपक्षी पार्टियों ने बैठक के बाद सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद से मांग की कि वे लेबनॉन से सैनिकों की वापसी का आधिकारिक ऐलान करें और इसके लिए समयसीमा भी तय करें. विपक्षी दलों ने देश में सर्वसम्मति का माहौल तैयार करने की भी अपील की है. विपक्षी पार्टियों का एक प्रतिनिधि हिज़्बुल्ला के नेता शेख़ हसन नसरल्ला से भी मिला. हिज़्बुल्ला के सीरिया से क़रीबी संबंध हैं. लेकिन विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे सभी पक्षों से बातचीत करना चाहते हैं जो लेबनॉन को बचाने में भूमिका निभा सकते हैं. लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने हिज़्बुल्ला से यह नहीं कहा है कि वह सीरिया और उनके बीच मध्यस्थता करे. |
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