|
सीरिया और लेबनान के बीच फ़ौज हटाने पर सहमति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सीरिया लेबनान में लंबे समय से मौजूद अपने सैनिकों को सोमवार से पीछे हटाना शुरू कर रहा है. दमिश्क में सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद और लेबनान के राष्ट्रपति एमिल लाहूद के बीच बैठक के बाद तय हुआ है कि इस महीने के अंत तक सीरियाई सैनिक लेबनान की बेका घाटी तक पीछे हट जाएँगे. इसके बाद दोनो देशों के सैनिक अधिकारी फ़ैसला करेंगे की ये फ़ौजें बेका घाटी में कब तक रहेंगी. इसके बाद सेना पूरी तरह से हटाने के बारे में बातचीत से निर्णय लिया जाएगा. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि दोनो नेताओं के बयान से ये स्पष्ट नहीं हुआ है कि सीरिया के सैनिक पूरी तरह हटाए जाएँगे या नहीं. अमरीका दोनो पक्षों के इस फ़ैसले से ख़ुश नहीं है. अमरीका का कहना है कि सीरियाई सैनिकों की वापसी पर तत्काल पुख़ता कदम उठाए जाने चाहिए, केवल बातचीत से बात नहीं बनेगी. अनिश्चितता कई हफ्तों के अंतरराष्ट्रीय दबाव और लेबनानी नागरिकों के प्रदर्शन के बाद सीरिया के सैनिकों की लेबनान से पीछे हटने की घोषणा शनिवार को ही कर दी गई थी. रॉएटर्स ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा है कि पूर्वी बेरुत में कई स्थानों पर सैनिक पीछे हट रहे हैं. पहले दी गई जानकारी के अनुसार सीरियाई सैनिक दो चरणों में पीछे हटेंगे. पहले तो सीरियाई सैनिक पीछे हटकर पूर्वी बेका घाटी की ओर चले जाएँगे. दूसरे चरण में सैनिक और पूर्व हटकर सीरिया-लेबनान सीमा पर चले जाएँगे. मगर इसके लिए कोई समयसारिणी नहीं बनाई गई थी. दमिश्क में उपस्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सीरियाई सैनिकों के पीछे हटने से सीरिया पर पिछले कई हफ़्तों से बना अंतरराष्ट्रीय दबाव थोड़ा कम होगा. घोषणा और प्रतिक्रिया
सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने शनिवार को लेबनान से सीरियाई सैनिकों को चरणबद्ध तरीके से हटाए जाने की घोषणा की थी. इस घोषणा के बाद अरब देशों ने लेबनान से अपने सैनिक हटाए जाने की सीरिया की घोषणा का स्वागत किया. लेकिन अमरीकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि लेबनान से विदेशी सैनिकों की वापसी के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पिछले वर्ष जो प्रस्ताव तैयार किया था उसकी सारी बातों को नहीं माना गया. लेबनान के विपक्षी नेताओं ने कहा है कि लेबनान में मई में होनेवाले चुनाव से पहले ये आवश्यक है कि सीरियाई सैनिक पूरी तरह से लेबनान से वापस चले जाएँ. वहीं लेबनान में सीरिया समर्थक हिज़्बुल्ला छापामारों ने सीरिया के फ़ौज हटाने की घोषणा को लेबनान में विदेशी हस्तक्षेप बताते हुए इसकी आलोचना की है. हिज़बुल्ला ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के प्रति विरोध जताने के लिए मंगलवार को लोगों से बाहर आकर प्रदर्शन करने का आह्वान किया है. अरब देशों ने लेबनान से अपने सैनिक हटाए जाने की सीरिया की घोषणा का स्वागत किया. मिस्र के विदेश मंत्री अहमद अबू अल ग़ायत ने कहा है कि यह एक सकारात्मक क़दम है जो लेबनान से सीरिया के सैनिक पूरी तरह हटने तक जारी रहना चाहिए. क़तर ने कहा कि सीरियाई सैनिक हटने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव संख्या 1559 के अमल की तरफ़ एक सकारात्मक क़दम है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||