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राइस ने रूस को ख़बरदार किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका की नई विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि रूस को अगर पश्चिमी देशों के साथ अपने संबंध अच्छे बनाने हैं तो उसे लोकतांत्रिक बदलाव मज़बूत करने के लिए ज़्यादा तेज़ी दिखानी चाहिए. राइस अपने बारह देशों के दौरे पर अगले पड़ाव में शनिवार को पोलैंड पहुँचीं जिसके बाद वह तुर्की जाएंगी. तुर्की में उनकी मुलाक़ात रुस के विदेश मंत्री से भी होनी है. इस मुलाक़ात से पहले राइस ने पोलैंड की राजधानी वारसा में कहा कि अब यह छुपी हुई बात नहीं है कि अमरीका को रूस के लोकतांत्रिक बदलावों पर कुछ चिंताएँ हैं. राइस पूर्व सोवियत संघ की विशेषज्ञ रही हैं. उन्होंने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि रूस दुनिया को यह जताए कि वह क़ानून का शासन मज़बूत करने, एक स्वतंत्र न्यायपालिक की भूमिका लागू करने और एक स्वतंत्र प्रेस की इजाज़त देने के लिए गंभीर है. कोंडोलीज़ा राइस ने वारसा में पोलैंड के नेताओं के साथ इराक़ की स्थिति पर चर्चा की. ग़ौरतलब है कि पोलैंड इराक़ में मौजूद अपने क़रीब 800 सैनिकों में इस महीने के अंत तक एक तिहाई कटौती करने जा रहा है. वारसा में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इराक़ में पोलैंड सरकार बहुत अलोकप्रिय है लेकिन राइस ने कहा कि पोलैंड के सैनिकों में कमी करने का मतलब यह नहीं निकाला जाना चाहिए कि पोलैंड की इराक़ में भूमिका कम हो रही है. कोंडोलीज़ा राइस इस दौरे में 12 देशों की यात्रा करेंगी और इसका मक़सद इराक़ मुद्दे पर अमरीकी छवि को हुए नुक़सान के बाद यूरोपीय देशों के साथ संबंध सुधारना है. राष्ट्रपति जॉर्ज बुश अगले महीने ब्रसेल्स की यात्रा करेंगे. |
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