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इराक़ में उम्मीद से ज़्यादा मतदान का दावा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में निर्वाचन आयोग ने दावा किया है कि देश में उम्मीद से ज़्यादा मतदान हुआ है लेकिन कई इलाक़ों में हिंसा भी हुई है. इराक़ में संयुक्त राष्ट्र के निर्वाचन प्रमुख कार्लोस वेलेनज़ुएला ने कहा है कि कई इलाक़ों में बड़ी संख्या में लोगों ने मतदान किया लेकिन किसी भी आँकड़ों तक पहुँचना अभी जल्दबाज़ी होगी. इराक़ में मतदान के दिन नौ अलग-अलग आत्मघाती हमले हुए जिनमें 30 से ज़्यादा लोग मारे गए. इराक़ में अल क़ायदा के नेता अबू मुसाब ज़रक़ावी ने इन हमलों की ज़िम्मेदारी ली है. कड़ी सुरक्षा और हिंसा की घटनाओं के बीच इराक़ के मतदाता कई दशकों के बाद अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं. 275 सदस्यों वाली नेशनल एसेंबली के चुनाव के लिए देश के शिया और कुर्द बहुल इलाक़ों में बड़े पैमाने पर मतदान हो रहा है जबकि समारा, तिकरित, फलूजा, रमादी और मूसल जैसे सुन्नी बहुल शहरों में मतदान केंद्रों के सुनसान पड़े होने की ख़बरें आ रही हैं. सुन्नी चरमपंथियों ने मतदान का बहिष्कार करने का ऐलान किया था, बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि उनके बहिष्कार का असर कितना है और हिंसा का डर कितना, यह बता पाना मुश्किल है. इराक़ का नया संविधान बनाने वाली नेशनल एसेंबली को चुनने के लिए बसरा जैसे शहरों में लंबी कतारें लगी हैं, बड़ी संख्या में महिलाएँ भी मतदान कर रही हैं. चुनाव के लिए पूरे देश में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है, बड़ी संख्या में इराक़ी, ब्रितानी और अमरीकी सैनिक तैनात किए गए हैं, देश भर में कर्फ्यू लागू है, गाड़ियों के चलने पर पाबंदी है, एक प्रांत से दूसरे प्रांत में जाने पर रोक है और देश की सीमाएँ सील कर दी गई हैं. हिंसा इन सभी प्रयासों के बावजूद हिंसा की घटनाएँ भी हुई हैं, कई स्थानों से मतदान केंद्रों पर हमले किए जाने के समाचार मिले हैं. हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में 30 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. बग़दाद में ही तीन आत्मघाती बम हमले हुए हैं जिनमें कम से कम पाँच लोग मारे गए हैं और अनेक लोग घायल हुए हैं. बग़दाद शिया बहुल उपनगर सद्र सिटी में एक मोर्टार हमले में चार लोगों की मौत हो गई है. बाक़ूबा और मूसल से भी धमाकों की ख़बरें मिली हैं, बसरा में भी एक मतदान केंद्र को निशाना बनाया गया है. अपील सबसे पहले वोट डालने वालों में इराक़ के अंतरिम राष्ट्रपति ग़ाज़ी अल यावर भी शामिल थे, उन्होंने इराक़ी जनता से अपील की है कि वे "वोट डालने के लिए घरों से निकलें और हिंसा के डर से अपने मताधिकार को न गवाएँ." अंतरिम राष्ट्रपति ने शनिवार को आशंका व्यक्त की थी कि काफ़ी लोग हिंसा के डर से वोट डालने नहीं आएँगे. इराक़ में ये चुनाव हो रहे हैं राष्ट्रीय असेंबली की 275 सीटों के लिए. जिसमें से 111 सीटें कुर्द क्षेत्र के लिए हैं और 18 प्रांतीय परिषदों की. अबी तक नौ गठबंधनों की सूची के अलावा 110 दल मैदान में है और उम्मीदवारों की संख्या है 7663. |
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