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इराक़ में सुरक्षा कड़ी, विदेशों में मतदान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में रविवार को होने वाले आम चुनाव के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे हैं. देश की सीमाएँ और हवाई अड्डे बंद कर दिए गए हैं, प्रांतों के बीच आने-जाने पर भी पाबंदी लगा दी गई है और ज़्यादातर शहरों में कर्फ़्यू लगा दिया गया है. बग़दाद में एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि लोग इन संभावनाओं के बीच राशन-पानी इकट्ठा कर रहे हैं कि उन्हें सड़कों पर आने-जाने की इजाज़त नहीं होगी, ख़ासतौर से आत्मघाती हमलों की आशंका के मद्देनज़र. अमरीकी सैन्य कमांडरों ने आशंका व्यक्त की है कि इराक़ी विद्रोही आम लोगों को मतदान से रोकने के अपने प्रयासों के तहत कुछ गिने-चुने ठिकानों पर हमलों की योजना बना रहे हैं. शुक्रवार को भी सुबह राजधानी बग़दाद के दक्षिणी इलाक़े में एक कार बम विस्फोट में चार लोग मारे गए. विदेशों में मतदान इस बीच विदेश में बसे इराक़ी मतदाताओं ने रविवार को होने वाले देश के आम चुनाव में भाग लेते हुए शुक्रवार को वोट डालने का काम शुरू कर दिया.
सबसे पहले मतदान ऑस्ट्रेलिया में शुरू हुआ और कुल मिलाकर 14 देशों में मतदान हो रहा है. 14 देशों के 36 शहरों में मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं जिनमें ब्रिटेन, अमरीका, जॉर्डन जैसे देश भी शामिल हैं. विदेशों में मतदान की इस प्रक्रिया का मुख्यालय जॉर्डन की राजधानी अम्मान में बनाया गया है. अम्मान में मौजूद बीबीसी संवाददाता जॉन लाइन का कहना है कि जॉर्डन में सिर्फ़ बीस हज़ार इराक़ियों ने मतदान के लिए पंजीकरण कराया था लेकिन जो लोग मतदान के लिए आए उनमें भारी उत्साह देखा गया. वे बातें कर रहे थे कि वे 'आतंक' के ख़िलाफ़ मतदान कर रहे हैं, देश के भविष्य के लिए मतदान कर रहे हैं और वे कह रहे थे कि देश में पहली बार लोकतंत्र की प्रक्रिया में हिस्सेदारी कर रहे हैं. जिन लोगों ने मतदान किया, उनमें कुछ सुरक्षा चिंता भी देखी गई. कुछ का कहना था कि मतदान की स्याही से उनकी शिनाख़्त आसानी से हो सकती है. पंजीकरण दुनिया भर में ढाई लाख से ज़्यादा इराक़ी मतदाताओं ने मतदान के लिए पंजीकरण कराया है.
ऐसे मतदाताओं की सर्वाधिक संख्या ईरान, स्वीडन और ब्रिटेन में है. ऑस्ट्रेलिया में मतदान के आयोजकों के अनुसार अपेक्षा से काफ़ी कम इराक़ियो ने पंजीकरण कराया है हालाँकि बहुत से लोग लंबी दूरी तय कर मतदान केंद्रों तक पहुँचे. सिडनी में एक मतदान केंद्र पर कुछ लोगों ने अमरीका के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया. तैयारियाँ इस बीच इराक़ में रविवार के चुनाव के लिए तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच चुकी हैं. देश के विभिन्न हिस्सों में मतदान के लिए मतपेटियाँ पहुँचाने का काम अंतिम चरण में पहुँच गया है. निर्वाचन अधिकारियों ने कहा है कि मतदान के काम पर नज़र रखने के लिए 120 अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक भी तैनात रहेंगे. उधर प्रमुख चरमपंथी गुट अंसार अल-सुन्ना ने एक बयान में चुनावों का बहिष्कार करने की बात दोहराते हुए और हमले करने की धमकी दी है. इराक़ में जारी चरमपंथी हिंसा में गुरुवार को एक अमरीकी मरीन सैनिक समेत 13 लोग मारे गए. |
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