BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 29 जनवरी, 2005 को 19:39 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
इराक़ में मतदान हुआ शुरु
चरमपंथी हमला
हमला कड़ी सुरक्षा वाले ग्रीन ज़ोन में हुआ
इराक़ में कुछ ही घंटों में कड़ी सुरक्षा के बीच दशकों बाद पहली बार लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव के लिए मतदान शुरु होने वाला है.

मतदान लोकतंत्र की स्थापना के लिए तो है लेकिन इन चुनावों की वैधता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे है.

देश भर में सुरक्षा का आलम यह है कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे बंद हैं. छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं.

पिछले दो दिन से शाम के आठ बजे से सुबह छह बजे तक का कर्फ्यू लगा दिया गया है. वाहनों के आने जाने पर प्रतिबंध है और मतदाताओं से पैदल आने को कहा गया है.

बताया जाता है कि मतदाताओं को अभी तक मतदान केंद्रों की जानकारी नहीं है क्योंकि इन्हें हमलों से बचाने के लिए गुप्त रखा गया है.

इन सब के बीच चरमपंथी हमले जारी हैं. शनिवार को अति सुरक्षा वाले ग्रीन जोन में अमरीकी दूतावास पर हमला हुआ है. जबकि अन्य घटनाओं में 17 लोग मारे गए हैं.

सुरक्षा की ख़राब स्थिति के बारे में अंतरिम राष्ट्रपति ग़ाज़ी यावर तक ने चिंता प्रकट की है.

उम्मीदवार और संसद

इराक़ में ये चुनाव हो रहे हैं राष्ट्रीय असेंबली की 275 सीटों के लिए. जिसमें से 111 सीटें कुर्द क्षेत्र के लिए हैं और 18 प्रांतीय परिषदों की.

अबी तक नौ गठबंधनों की सूची के अलावा 110 दल मैदान में है और उम्मीदवारों की संख्या है 7663.

सुरक्षा स्थिति

 रॉकेट दूतावास की इमारत के पास ही गिरा, दो लोग मारे गए हैं और चार घायल हैं, सभी अमरीकी नागरिक
दूतावास के प्रवक्ता

अमरीकी दूतावास के प्रवक्ता बॉब कैलहन ने कहा, "रॉकेट दूतावास की इमारत के पास ही गिरा, दो लोग मारे गए हैं और चार घायल हैं, सभी अमरीकी नागरिक हैं."

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हताहत लोग दूतावास के कर्मचारी थे या फिर बाहर से आए लोग.

पिछले वर्ष अगस्त महीने में भी अमरीकी दूतावास पर हमला हुआ था जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ था.

चिंता

इराक़ के अंतरिम राष्ट्रपति का कहना है कि इस ऐतिहासिक चुनाव में हिंसा के डर से बहुत सारे लोग वोट डालने के लिए आगे नहीं आएँगे.

 हम जानते हैं कि बड़ी संख्या में लोग भाग नहीं लेंगे क्योंकि सुरक्षा की हालत बहुत नाज़ुक हैं, लेकिन यह मानना ग़लत होगा कि वे चुनाव का बहिष्कार कर रहे हैं. बहिष्कार करने वालों की संख्या बहुत ही कम है
अंतरिम राष्ट्रपति, गाज़ी यावर

अंतरिम राष्ट्रपति ग़ाज़ी यावर ने कहा कि बहुत सारे मतदाता डर की वजह से घरों से नहीं निकलेंगे लेकिन ऐसा विरोध या बहिष्कार के कारण नहीं बल्कि डर की वजह से होगा.

ग़ाज़ी यावर ने कहा, "हम जानते हैं कि बड़ी संख्या में लोग भाग नहीं लेंगे क्योंकि सुरक्षा की हालत बहुत नाज़ुक हैं, लेकिन यह मानना ग़लत होगा कि वे चुनाव का बहिष्कार कर रहे हैं. बहिष्कार करने वालों की संख्या बहुत ही कम है."

दूतावास पर रॉकेट हमले से पहले राजधानी बग़दाद के पूर्वोत्तर में हुए एक आत्मघाती हमले में कम से कम आठ लोग मारे गए.

अधिकारियों का कहना है कि ईरानी सीमा के निकट ख़ानाक़िन नाम की जगह पर एक आत्मघाती बम हमले के में पाँच नागरिक और तीन पुलिसकर्मी मारे गए.

कई स्थानों से मतदान केंद्रों पर हमला किए जाने के समाचार भी मिले हैं.

मतदान में जब कुछ ही घंटे बाक़ी हैं ऐसे में राजधानी बग़दाद में कई स्थानों से मशीनगनों और तोपों की आवाज़ें सुनाई दी हैं.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>