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कितनी मौतें, किसके हाथों? | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बीबीसी को कुछ ऐसे आँकड़े हासिल हुए हैं जिनसे पता चलता है कि इराक़ में पिछले छह महीनों में हिंसा में जितने लोग मारे गए हैं उनमें से साठ प्रतिशत विदेशी सेनाओं और इराक़ी सुरक्षा बलों के हाथों मारे गए. इन आँकड़ों से पता चलता है कि यह संख्या उन मौतों से ज़्यादा है जो विद्रोहियों की हिंसा में मारे गए हैं. बीबीसी टेलीविज़न के 'पैनोरमा' कार्यक्रम को कुछ आधिकारिक आँकड़े मिले हैं जो इराक़ के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एकत्र किए हैं. मंत्रालय ने विदेशी सेनाओं और विद्रोहियों की हिंसा में मारे गए लोगों के अलग-अलग आँकड़े तैयार किए हैं. इन आँकड़ों में एक जुलाई, 2004 से लेकर एक जनवरी, 2005 तक की घटनाओं को शामिल किया गया है. इनमें उन तमाम लोगों की संख्या एकत्र की गई है जो इस अवधि में हिंसक घटनाओं में मारे गए और घायल हुए और जिनका रिकॉर्ड सार्वजनिक अस्पतालों में दर्ज है. इनमें उन विद्रोहियों की संख्या शामिल नहीं है जो इन घटनाओं में मारे गए यानी यह संख्या सिर्फ़ इराक़ी असैनिकों यानी नागरिकों की है. आँकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल जुलाई से लेकर इस साल पहली जनवरी तक तीन हज़ार, 274 इराक़ी नागरिक हिंसा में मारे गए जो विदेशी सेनाओं और इराक़ी सुरक्षा बलों और विद्रोहियों के बीच संघर्ष का नतीजा है. इस हिंसा में 12 हज़ार 657 लोग घायल भी हुए. इनमें से दो हज़ार, इकतालीस यानी क़रीब 60 प्रतिशत मौतें विदेशी सैनिकों और इराक़ी सुरक्षा बलों के हाथों हुई हैं. उनके हाथों आठ हज़ार 542 लोग घायल भी हुए. इसी अवधि में विद्रोहियों के हमलों में एक हज़ार 233 लोगों की जानें गईं और चार हज़ार 115 लोग ज़ख़्मी हुए. बीबीसी ने ये आँकड़े हासिल करने से कुछ देर पहले इराक़ में अमरीकी राजदूत जॉन नीग्रोपोंटे से इस बाबत बात की तो उनका कहना था, "मेरी समझ ये है कि ज़्यादातर मौतें लगातार हो रहे कार बम हमलों की वजह से हो रही हैं." "आप ख़ुद भी इससे बाख़बर होंगे क्योंकि राजधानी बग़दाद के विभिन्न इलाक़ों में हो रहे हैं और ऐसे हमलों के ज़्यादातर शिकार आसपास के निर्दोष लोग होते हैं." इराक़ के स्वास्थ्य मंत्रालय के आँकड़ों पर गठबंधन सेनाओं की प्रतिक्रिया का इंतज़ार है. |
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