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इराक़ में दस ब्रितानी सैनिकों की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में ब्रितानी सेनाओं को हमले के बाद से किसी एक घटना में अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है जिसमें उनके दस सैनिकों की मौत हो गई. ब्रितानी सेना का एक परिवहन विमान राजधानी बग़दाद के पश्चिमोत्तर इलाक़े में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. कुछ ख़बरों में मारे गए सैनिकों की संख्या 15 भी बताई गई है. लंदन में अधिकारियों ने बताया कि यह विमाम सी-130 हरक्यूलस बग़दाद से बलाड़ शहर के लिए एक उड़ान पर था. यह इलाक़ा बग़दाद से 40 किलोमीटर उत्तर पश्चिम में स्थित है और यहाँ एक अमरीकी सैन्य अड्डा है. लंदन में एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अधिकारियों ने यह नहीं बताया है कि यह हादसा किस वजह से हुआ - क्या यह किसी तकनीकी ख़राबी से हुआ या फिर किसी मिसाइल हमले से. स्थानीय लोगों ने बताया है कि विमान का मलबा बड़े इलाक़े में फैला हुआ है. ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने इस हादसे में मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी है, "हमारा देश और दुनिया इस सैनिकों को कभी नहीं भूलेंगे." अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने भी मारे गए ब्रितानी और अमरीकी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी है. हेलिकॉप्टर दुर्घटना वाले इलाक़े में पहुँच गए हैं और उन्होंने विमान का मलबा देख लिया है. इन विमानों का इस्तेमाल सैनिकों को ले जाने के साथ-साथ ईंधन, हथियार और मानवीय सहायता सामग्री पहुँचाने में भी किया जाता है. रेगिस्तान में भी उतरने की क्षमता के कारण इन विमानों को इराक़ के लिए काफ़ी उपयोगी समझा जाता है. |
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